Edited By Deepak Kumar, Updated: 17 Nov, 2025 12:47 PM

दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी खास पहचान बना चुके सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के 39वें संस्करण की शुरुआत 31 जनवरी 2026 से होगी, जो 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस मेले की तैयारियों में हरियाणा सरकार जुट गई है।
डेस्कः दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी खास पहचान बना चुके सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के 39वें संस्करण की शुरुआत 31 जनवरी 2026 से होगी, जो 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस मेले की तैयारियों में हरियाणा सरकार जुट गई है। इस बार मेला अरब देश मिस्र (Egypt) को भागीदार राष्ट्र के रूप में स्वागत करेगा। मिस्र अपने ऐतिहासिक पिरामिड, लक्सोर के प्राचीन मंदिर एवं कैरो की रौनक से सजे अनोखे सांस्कृतिक पैवेलियन के साथ अपनी विरासत और आधुनिक कला का प्रदर्शन करेगा। वहीं उत्तर प्रदेश और मेघालय थीम राज्य के रूप में अपनी कला, संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों से पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।
मेले को भव्य बनाने की तैयारियां तेजः डॉ. अरविंद शर्मा
विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि केंद्रीय पर्यटन, वस्त्र (विकास आयुक्त, हथकरघा एवं हस्तशिल्प), विदेश एवं सांस्कृतिक मंत्रालय, आईसीसीआर और हरियाणा पर्यटन विभाग मिलकर इस मेले का आयोजन करेंगे। शिल्पकुंभ में उत्तर पूर्वी हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम सांस्कृतिक साझेदार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पर्यटन विभाग ने सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर मेले को और भव्य बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले में भारतीय कला, संस्कृति, विरासत, हस्तशिल्प के साथ-साथ कई विदेशी प्रतिभागी भी अपने देश की कला और कारीगरी का प्रदर्शन करेंगे।
सांस्कृतिक एवं हस्तशिल्प भागीदारी के लिए भेजे निमंत्रणः पर्यटन मंत्री
पर्यटन मंत्री के अनुसार विदेश मंत्रालय ने विभिन्न देशों को सांस्कृतिक एवं हस्तशिल्प भागीदारी के लिए निमंत्रण भेज दिए हैं। भागीदार राष्ट्र और थीम राज्यों के प्रामाणिक फूड स्टॉल मेले की खास आकर्षण होंगे। भागीदार राष्ट्र और दोनों थीम राज्यों के लिए उनकी कला और हस्तशिल्प की बिक्री हेतु विशेष स्टॉल व निर्धारित क्षेत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। मेला अवधि के दौरान वे उद्घाटन, समापन तथा प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देंगे। पूरे भारत तथा विदेशों से आने वाले कलाकारों के लिए 1000 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनकी आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मेले का प्रमुख आकर्षण इस बार भी भव्य सांस्कृतिक कार्निवल होगा, जिसमें प्रतिदिन विभिन्न देशों के कलाकार अपनी नृत्य और संगीत प्रस्तुतियाँ देंगे।