Edited By Krishan Rana, Updated: 24 Feb, 2026 09:04 PM

पंचकूला स्थित विजिलेंस थाने में 590 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में IDFC First Bank के अधिकारियों
पंचकूला: पंचकूला स्थित विजिलेंस थाने में 590 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में IDFC First Bank के अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई हरियाणा स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई है। जांच एजेंसी ने बैंक अधिकारियों, पब्लिक सर्वेंट्स और कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
एसीबी के अनुसार, धोखाधड़ी के इस मामले में BNS की धारा 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) और 318(4) (गंभीर धोखाधड़ी) लगाई गई है। इसके अतिरिक्त, सरकारी धन के कथित ट्रांसफर के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप में धारा 338 और 340(2) के तहत भी कार्रवाई की गई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और BNS की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) को भी एफआईआर में शामिल किया गया है।
मामले को लेकर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता का बयान भी सामने आया है। उन्होंने विधानसभा बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सदन में दिए गए वक्तव्य पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि जब भी इस प्रकार का मामला सामने आता है, मुख्यमंत्री कार्रवाई करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने यह घोटाला किया है, उनसे एक-एक पैसा वसूला जाएगा।
वहीं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सदन में कहा कि इस मामले में चाहे कोई बैंक कर्मचारी हो, निजी व्यक्ति हो या सरकारी अधिकारी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 2.80 करोड़ लोगों की मेहनत की कमाई की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल एसीबी द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और खुलासे होने की संभावना है।
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