केंद्र सरकार की रिपोर्ट में चमके हरियाणा के CM नायब सैनी, 1 साल के कार्यकाल में पाए 86% अंक

Edited By Manisha rana, Updated: 16 Nov, 2025 09:19 AM

haryana cm nayab saini shines in the central government report

हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी के कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर केंद्र सरकार ने के एक साल के कार्य का अवलोकन किया।

दिल्ली : हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी के कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर केंद्र सरकार ने के एक साल के कार्य का अवलोकन किया। 5 प्रमुख बिंदुओं पर हुई इस समीक्षा में सीएम सैनी के प्रदर्शन को काफी सराहनीय बताया गया है। कोई भी सीएम के काम का पहला पैमाना होता है जनता से उसका सीधा संपर्क होना। इसके संदर्भ में हरियाणा के सीएम नायब सैनी को 86 प्रतिशत अंक मिले। रिपोर्ट में यह साफ कहा गया कि सैनी ने पिछले एक साल में जितना समय आम लोगों के बीच बिताया, उतना कई पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपने कार्यकाल में भी नहीं किया।

केंद्र की योजनाओं को हरियाणा में लागू करने को लेकर सरकार को मिले 73% अंक

बता दें कि सीएम आवास पर बिना समय लिए मिलने की उनकी शैली ने लोगों में यह संदेश दिया कि सरकार सुन रही है और हाथ बढ़ा रही है। मंत्री-एमएलए को भी जनता से जुड़े रहने की उनकी सख्त हिदायत ने सरकार की छवि सक्रिय रखने में बड़ा योगदान दिया है। केंद्रीय योजनाओं को हरियाणा में तेज़ी से लागू करने को लेकर सैनी सरकार को 73 प्रतिशत अंक मिले। अधिकारियों से लगातार समीक्षा बैठकें लेना और जिलों में औचक निरीक्षण करना इसका बड़ा कारण माना गया। बीजेपी के 217 चुनावी वादों में से 40 पूरे होना। औसतन 92 प्रतिशत का स्कोर बताता है कि सरकार ने शुरुआती वर्ष को वर्किंग ईयर की तरह इस्तेमाल किया है। आमतौर पर सरकारें अपने कार्यकाल के पहले साल को सेट-अप और टीम को समझने में लगा देती हैं, लेकिन सैनी सरकार इस मोर्चे पर भी बाजी मारी।

प्रशासनिक पकड़ के मामले में सैनी को सिर्फ 47 प्रतिशत अंक मिले

नायब सैनी सरकार और संगठन ने उदाहरण पेश किया कि सरकार और संगठन कैसे एक-दूसरे की ताकत बन सकते हैं। बीजेपी के अंदर यह तालमेल 2029 की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। इस पर भी मुख्यमंत्री नायब को पूरे अंक दिए गए हैं। समीक्षा रिपोर्ट का सबसे गंभीर पहलू यही रहा कि प्रशासनिक पकड़ के मामले में सैनी को सिर्फ 47 प्रतिशत अंक मिले। रिपोर्ट का निष्कर्ष यह है कि पिछले एक साल में हरियाणा में बड़े स्तर पर नौकरशाही फेरबदल नहीं हुआ। इस कारण कई विभाग पुराने ढर्रे पर ही चल रहे हैं। केंद्र की नायब को खुली छूट, अधिकारी अपनी पसंद के रखे और प्रशासन पर गुड गवर्नेंस के लिए बनाए दबाव। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशासन को काबू में करना एक लंबी प्रक्रिया है और सैनी का शांत स्वभाव शायद सिस्टम पर दबाव बनाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा। हालांकि यह भी सही है कि पहले वर्ष में किसी भी नए मुख्यमंत्री को नौकरशाही अपने हिसाब से परखती है। अगर सैनी प्रशासनिक पकड़ को और मजबूती से हैंडल करें तो उनका स्थान मुख्यमंत्रियों की श्रेणी में सबसे ऊपर हो जाएगा।

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