हरियाणा में बाजरे की सरकारी खरीद शुरू, किसानों को प्रति क्विंटल मिलेगा 2900 रुपये तक का भाव; पढ़ें पूरी खबर

Edited By Harman, Updated: 01 Oct, 2026 05:00 PM

government procurement of millet begins in haryana

जिले की अनाज मंडियों में गुरुवार से बाजरे की सरकारी खरीद का आगाज हो गया। खरीद शुरू होते ही मंडियों में बाजरे की आवक तेज हो गई और किसानों के गेट पास कटने शुरू हो गए।

रेवाड़ी (महेंद्र भारती) : जिले की अनाज मंडियों में गुरुवार से बाजरे की सरकारी खरीद का आगाज हो गया। खरीद शुरू होते ही मंडियों में बाजरे की आवक तेज हो गई और किसानों के गेट पास कटने शुरू हो गए। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2300 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इसके अलावा भावांतर भरपाई योजना के तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल तक की भरपाई का प्रावधान है, जिससे किसानों को कुल 2900 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिल सकेगा। जिले की मंडियों में बाजरे की सरकारी खरीद 15 नवंबर तक जारी रहेगी। 

प्रशासन ने प्रमुख मंडियों में खरीद एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। नई अनाज मंडी रेवाड़ी में बाजरे की खरीद का जिम्मा हैफेड को सौंपा गया है, जबकि बावल मंडी में हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (HSWC) किसानों से बाजरा खरीदेगी। सरकारी नियमों के मुताबिक मंडियों में 12 प्रतिशत तक नमी वाले बाजरे की ही सरकारी खरीद की जाएगी। इससे अधिक नमी होने पर फसल को खरीद के लिए अस्वीकार किया जा सकता है। वहीं, निजी आढ़तियों के माध्यम से होने वाली खरीद पर भी सरकार की 

भावांतर भरपाई योजना के नियमों के अनुसार भुगतान का समायोजन किया जाएगा। रेवाड़ी मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र यादव ने बताया कि मंडी में पहुंचने वाले किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। मंडी परिसर में 8 वाटर कूलर, किसान कैंटीन, किसान भवन तथा निर्बाध बिजली-पानी की व्यवस्था की गई है। किसानों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है।

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