"बिना पर्ची, बिना खर्ची' से मिल रही सरकारी नौकरियां", जींद में हरियाणा मॉडल की पीएम मोदी ने की जमकर सराहना

Edited By Harman, Updated: 17 Jul, 2026 04:36 PM

government jobs being secured without  parchi  or  kharchi   said pm modi

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं में निराशा रहती थी, लेकिन अब व्यवस्था बदल चुकी है। आज हरियाणा में प्रतिभा और योग्यता के आधार पर युवाओं का चयन हो रहा है। उन्होंने कहा कि "बिना पर्ची, बिना खर्ची" केवल एक नारा नहीं, बल्कि...

चंडीगढ़ ( चन्द्र शेखर धरणी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की कार्यशैली और विकास मॉडल की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि हरियाणा आज पारदर्शी शासन, तेज विकास और युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने का उदाहरण बनकर उभरा है। राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है, जिससे योग्य युवाओं को बिना किसी सिफारिश और बिना किसी आर्थिक लेन-देन के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं में निराशा रहती थी, लेकिन अब व्यवस्था बदल चुकी है। आज हरियाणा में प्रतिभा और योग्यता के आधार पर युवाओं का चयन हो रहा है। उन्होंने कहा कि "बिना पर्ची, बिना खर्ची" केवल एक नारा नहीं, बल्कि हरियाणा सरकार की कार्यसंस्कृति बन चुका है। इससे युवाओं का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार दोनों पर मजबूत हुआ है।

डबल इंजन सरकार ने विकास को दी नई रफ्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार मिलकर हरियाणा के विकास को नई गति दे रही है। विकास योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक बिना किसी भेदभाव के पहुंच रहा है। गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है तो शहरों में आधुनिक आधारभूत ढांचे का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र पर काम किया जा रहा है। हरियाणा आज उद्योग, कृषि, शिक्षा, आधारभूत संरचना और डिजिटल सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

युवाओं को दिया भविष्य की तैयारी का संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं का विशेष रूप से आह्वान करते हुए कहा कि आने वाला दशक भारत के लिए खेलों और युवा शक्ति का दशक होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में प्रस्तावित ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी शुरू करनी होगी। उन्होंने विशेष रूप से 12 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि इस आयु में बच्चों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं, संतुलित पोषण और उचित मार्गदर्शन मिले तो आने वाले वर्षों में वही बच्चे भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, आधुनिक उपकरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।

हरियाणा की खेल संस्कृति को बताया देश की ताकत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हरियाणा ने खेलों के क्षेत्र में पूरे देश को नई पहचान दिलाई है। राज्य के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन कर भारत का गौरव बढ़ाया है।उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती पर खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ी अपनी मेहनत, अनुशासन और संघर्ष के दम पर विश्व स्तर पर सफलता प्राप्त कर रहे हैं। राज्य सरकार भी खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार, सरकारी नौकरी, खेल सुविधाएं और प्रशिक्षण जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से लगातार प्रोत्साहित कर रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण आधार है।

विदेश दौरों का किया उल्लेख, खेल सहयोग पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री ने अपने हालिया इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के दौरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन देशों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के साथ खेल क्षेत्र को लेकर विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि खेल उपकरणों के निर्माण, आधुनिक प्रशिक्षण तकनीक, खिलाड़ियों के कौशल विकास, खेल विज्ञान और खेल प्रबंधन जैसे विषयों पर दोनों देशों के साथ सकारात्मक चर्चा हुई है। भारत इन अनुभवों का लाभ उठाकर अपनी खेल व्यवस्था को और मजबूत करेगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब केवल खिलाड़ियों को तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खेल उद्योग, खेल उपकरण निर्माण और खेल तकनीक के क्षेत्र में भी वैश्विक पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

'खेलो भारत' और हरियाणा की खेल नीति की सराहना

प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की 'खेलो भारत' पहल और हरियाणा सरकार की खेल नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है। खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, आधुनिक स्टेडियमों का निर्माण और खिलाड़ियों को सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराने के कारण देश में खेल संस्कृति मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार खिलाड़ियों को हर स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है। यही कारण है कि राज्य लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर रहा है।

हरियाणा बना सुशासन और विकास का मॉडल

प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज सुशासन, पारदर्शिता और विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक सुधारों, डिजिटल सेवाओं, रोजगार, आधारभूत ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों का विश्वास जीता है।उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, किसानों के हित में फैसले, महिलाओं के सशक्तीकरण, युवाओं के लिए रोजगार और खिलाड़ियों के सम्मान जैसी नीतियों ने हरियाणा को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है।

आने वाले दशक का नेतृत्व करेगा हरियाणा

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा आने वाले वर्षों में विकास, रोजगार, खेल, उद्योग और सुशासन के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार मिलकर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।उन्होंने प्रदेशवासियों से विकास की इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि हरियाणा केवल तेजी से आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!