Edited By Yakeen Kumar, Updated: 22 Sep, 2025 04:47 PM

इस साल हरियाणा में भारी बारिश ने खरीफ की फसलों को गहरा नुकसान पहुंचाया है। नरमा, बाजरा, ज्वार, मूंग और ग्वार की फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है।
हरियाणा डेस्क : इस साल हरियाणा में भारी बारिश ने खरीफ की फसलों को गहरा नुकसान पहुंचाया है। नरमा, बाजरा, ज्वार, मूंग और ग्वार की फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है। किसानों की परेशानी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने विशेष गिरदावरी के आदेश जारी किए हैं और राजस्व विभाग ने इसका कार्य भी शुरू कर दिया है।
हालांकि, पटवारियों की कमी और कई खेतों में पानी भरा होने के कारण अब तक 28.10 लाख एकड़ फसल की गिरदावरी पूरी नहीं हो पाई है। प्रदेश के 5,08,165 किसानों ने करीब 29.79 लाख एकड़ फसल खराब होने की शिकायत क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कराई है। आंकड़ों के अनुसार पंचकूला, पानीपत, फरीदाबाद और चरखी दादरी में अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है, जबकि अन्य जिलों में व्यापक नुकसान देखने को मिला है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान
जिनमें अंबाला के 434, यमुनानगर के 323, मेवात के 440, कुरुक्षेत्र के 391, करनाल के 311, रेवाड़ी के 406, सिरसा के 325, सोनीपत के 303, पलवल के 286 गांवों में फसलें प्रभावित हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गिरदावरी में देरी से किसानों को मुआवजा मिलने में दिक्कत हो सकती है, इसलिए प्रक्रिया को जल्द पूरा करना जरूरी है।
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