एजुकेशन रिफोर्म पर पार्लियामेंट में बात करना पहली सक्सेस, इस आंदोलन से पूरा देश जागा है- गीतांजलि

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 24 Jul, 2026 02:19 PM

geetanjali said discussing education reform in parliament is the first succes

एजुकेशन रिफोर्म पर पार्लियामेंट मेंं बात करने के लिए लिखित आश्वासन देना इस आंदोलन की पहली सफलता है। इस आंदोलन से जहां देश जागा है वहीं, यह सरकार के लिए भी वेकअप कॉल है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): एजुकेशन रिफोर्म पर पार्लियामेंट मेंं बात करने के लिए लिखित आश्वासन देना इस आंदोलन की पहली सफलता है। इस आंदोलन से जहां देश जागा है वहीं, यह सरकार के लिए भी वेकअप कॉल है। अभी तक शायद गवर्नमेंट को यह पता नहीं हो कि देश उनसे इतनी उम्मीद करता है और उनसे नाराज है। यह हर ऐंगल से सक्सेसफुल आंदोलन रहा है। यह बात प्रसिद्ध इंजीनियर एवं समाज सेवी सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने कही। वे आज मेदांता अस्पताल के बाहर पत्रकारों से बात कर रही थी। 

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उन्होंने कहा कि वीरवार सुबह तक सरकार ने मौखिक रूप से सभी शर्तों को मानने के लिए आश्वासन दिया था, लेकिन सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त नहीं किया। उन्होंने साफ कर दिया था कि जब तक सरकार लिखित रूप से उनकी शर्त मानने का आश्वासन नहीं देती तब तक वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे। देर रात को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह अस्पताल आए और सरकार का लिखित आश्वासन लेकर पहुंचे तो ही सोनम अनशन समाप्त करने को तैयार हुए। लिखित आश्वासन लेने के बाद सोनम ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। 

 

गीतांजलि ने बताया कि 25 दिन से अधिक समय तक अनशन पर रहने के बाद आज से उनकी लिक्विड डाइट शुरू हो गई है। आज उन्हें वेजिटेबल सूप, दाल, नारियल पानी दिया गया है। डाइजेस्टिव सिस्टम को एक्टिवेट करने के लिए यह एक प्रोसेस होता है। कल से उन्हें सेमी सोलिड डाइट दी जाएगी और उसके बाद सोलिड डाइट दी जाएगी। फिलहाल सोनम की स्थिति में सुधार है।

 

गीतांजलि ने बताया कि अनशन के दौरान सोनम से मिलने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के 20 से ज्यादा सांसद मिलने के लिए अस्पताल आए। इसके अलावा करीब 65 सांसदों ने उन्हें लिखित आश्वासन भी भेजा। सोनम के इस आंदोलन के लिए सभी राजनीतिक दलों के सांसदों ने साफ कर दिया कि वह इस आंदोलन मेंं उनके साथ हैं और संसद में इस मुद्दे पर बहस की जाएगी। गीतांजलि ने कहा कि सरकार और विपक्ष ने निर्णय लिया है कि इस मानसून सत्र में शैक्षणिक मुद्दे पर चर्चा होगी और आगे भी यह रिफॉर्म जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि नीट का पेपर लीक होना एक सिम्टम था। उसके पीछे के कारण थे वह हर सिस्टम में थे। एक आम आदमी अपने सामान्य जीवन में रोज इस सिस्टम को एक्सपीरियंस करता है इसलिए जो राष्ट्रभर से समर्थन मिला यह आंदोलन इसी का प्रतीक है। इसलिए यह हर ऐंगल से सक्सेसफुल आंदोलन रहा है।

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