4 माह में लड़की के साथ दो बार गैंगरेप, पुलिस ने इस वजह से पहले मुकदमे को किया कैंसिल(VIDEO)

Edited By vinod kumar, Updated: 12 Dec, 2019 04:17 PM

पलवल में नाबालिग लड़की को न्याय दिलाने में पुलिस की भूमिका एक बार फिर संदेह के घेरे में है। यहां 4 महीने के अंतराल में दो बार लड़की से गैंगरेप हो गया। न्याय की बजाए पुलिस लड़की के पिता पर ही पैसे का लेन-देन का आरोप लगा रही है। वहीं एफएसएल की रिपोर्ट...

पलवल(गुरुदत्त गर्ग): पलवल में नाबालिग लड़की को न्याय दिलाने में पुलिस की भूमिका एक बार फिर संदेह के घेरे में है। यहां 4 महीने के अंतराल में दो बार लड़की से गैंगरेप हो गया। न्याय की बजाए पुलिस लड़की के पिता पर ही पैसे का लेन-देन का आरोप लगा रही है। वहीं एफएसएल की रिपोर्ट नेगेटिव आने के कारण पूर्व में दर्ज मुकदमे को पुलिस ने कैंसिल कर दिया। 

लड़की के साथ 4 दिसंबर को दोबारा गैंगरेप होने के बाद पुुलिस ने उन्हीं आरोपियों में से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जबकि तीन आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। मामला पलवल के हथीन उपमंडल के गांव रूपडाका गांव का हैं, जहां 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दो बार गैंगरेप हुआ। पहले अगस्त माह में गैंगरेप के बाद बहीन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस ने अपनी जांच में मामले को झूठा बता कर कैंसिल कर दिया। 

पुलिस ने इस वजह से किया मुकदमा कैंसिल
वहीं पुलिस ने पूर्व में दर्ज किए गए गैंगरेप के मामले में लड़की के पिता पर भी पैसे के लेनदेन के आरोप लगाए हैं। डीएसपी का साफ कहना है कि मुकदमे को कैंसिल करने के पीछे लड़की के पिता का लेनदेन का मामला भी रहा है। इसके साथ एफएसएल रिपोर्ट में रेप की नेगेटिव रिपोर्ट आने के कारण मामला कैंसिल किया गया था।

वहीं दूसरी तरफ लड़की के साथ जब उन्हीं चार अपराधियों ने 4 दिसंबर की रात को फिर गैंगरेप किया तो पुलिस ने दोबारा गैंग रेप का मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन अपराधियों काे गिरफ्तार करने में काफी समय लगा दिया। इसके बाद जब समाज और मीडिया का दबाव बना तो पुलिस ने एक आरोपी को मुख्य आरोपी बताकर गिरफ्तार किया है। 

फोन करने के बाद लड़की के घर गया था आरोपी 
डीएसपी सुनील कादयान के अनुसार गिरफ्तार किए गए अल्ताफ उम्र 25 वर्ष ने लड़की के साथ दुष्कर्म करने की बात तो स्वीकारी है, लेकिन इसके साथ उसका कहना है कि लड़की द्वारा फोन किए जाने के बाद वह उसके घर पर गया था। डीएसपी के अनुसार अल्ताफ के साथ उस समय उसके 3 साथी भी मौजूद थे। जिनके नाम एफआईआर में दर्ज कराए गए हैं। 

मामले को वापस लेने के लिए परिजनों पर बनाया जा रहा दबाव
पीड़िता के परिजनों ने बताया कि आरोपी पक्ष दबंग प्रवृत्ति का है और उन्हें बार-बार धमकियां देकर मामले को एक बार फिर वापस लेने का दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस आरोपियों के साथ मिली हुई है, क्योंकि पुलिस जब गांव में जाती है तो उससे कुछ देर पहले ही आरोपी गांव से फरार होते हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें पुलिस पर तो भरोसा नहीं है, लेकिन प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज पर जरूर विश्वास है। उन्हें उम्मीद है कि न्याय जरूर मिलेगा। वहीं पलवल से भारतीय जनता पार्टी के विधायक दीपक मंगला ने मामले की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की बात कही है।
 

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