Edited By Isha, Updated: 05 Mar, 2026 06:16 PM

भ्रष्टाचार के मामलें में सुनवाई करते हुए अदालत ने नगर परिषद जींद में कार्यरत क्लर्क नरेश कुमार और बिजली निगम के सीए दुर्गेश को दोषी ठहराया है। दोनों दोषियों को चार-चार वर्ष की कैद की सजा सुनाई है
जींद: भ्रष्टाचार के मामलें में सुनवाई करते हुए अदालत ने नगर परिषद जींद में कार्यरत क्लर्क नरेश कुमार और बिजली निगम के सीए दुर्गेश को दोषी ठहराया है। दोनों दोषियों को चार-चार वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
नप में कार्यरत क्लर्क नरेश कुमार को प्रॉपर्टी आईडी बनाने के नाम पर रिश्वत मांगने का दोषी पाया गया। गांव फतेहगढ़ निवासी नरेश कुमार ने हांसी के मंडी सैनियान निवासी अजय से 10 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने पांच हजार रुपये पहले ही दे दिए थे जबकि पांच हजार रुपये मांगे जा रहे थे।
अजय ने मामले की सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। ब्यूरो की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में कार्रवाई करते कर 10 जून 2022 को डीसी कार्यालय के सामने पार्क में आरोपी को पांच हजार रुपये लेते गिरफ्तार कर लिया। यह मामला उसी समय से अदालत में लंबित था।
बिजली निगम के सीए दुर्गेश पर आरोप था कि उसने हाउसिंग बोर्ड निवासी राजेश कुमार से बैटरी फैक्टरी का लोड बढ़ाने के एवज में 10 लाख रुपये की मांग की थी। बाद में सौदा 5.32 लाख रुपये में तय हुआ। शिकायतकर्ता ने एक लाख 18 हजार रुपये अग्रिम देने की बात कही और शेष राशि काम पूरा होने पर देने की बात रखी।
राजेश ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। 3 फरवरी 2019 को टीम ने हांसी रोड स्थित सब डिविजन कार्यालय में जैसे ही दुर्गेश ने शिकायतकर्ता से एक लाख 18 हजार रुपये लिए तो टीम ने उसे दबोच लिया।