MBBS से IAS तक: ‘मेक इन हरियाणा’ के सूत्रधार बने डॉ. अमित अग्रवाल

Edited By Krishan Rana, Updated: 01 Jun, 2026 08:01 PM

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हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की टीम में कुछ ऐसे अधिकारी हैं जो अपनी कार्यशैली, दक्षता और परिणाम देने की क्षमता

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी):  हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की टीम में कुछ ऐसे अधिकारी हैं जो अपनी कार्यशैली, दक्षता और परिणाम देने की क्षमता के कारण अलग पहचान रखते हैं। इनमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. अमित कुमार अग्रवाल का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के कमिश्नर एवं सचिव के रूप में वह पिछले लगभग एक वर्ष से प्रदेश की औद्योगिक विकास रणनीति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सोमवार को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा लॉन्च की गई ‘मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी’ की सफलता के पीछे भी डॉ. अमित अग्रवाल और उनकी टीम की व्यापक तैयारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य लेकर लाई गई इस नीति को पहले ही दिन बड़ी सफलता मिली, जब 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नौ नई सेक्टोरल पॉलिसियों तथा स्मार्ट निवेश सुविधा पोर्टल का भी शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि "हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत लाई गई यह नई नीति प्रदेश के औद्योगिक विकास को और अधिक गति देगी। इससे निवेश प्रक्रिया सरल होगी और विकास के अवसर व्यापक होंगे। प्रदेश को नई दशा और नई दिशा मिलेगी। आज दुनिया में निवेश का तरीका बदल रहा है। उद्योग अब केवल इंसेंटिव नहीं देखते, बल्कि मजबूत इकोसिस्टम को भी प्राथमिकता देते हैं। वे यह जानना चाहते हैं कि कौन सा राज्य तेजी से निर्णय ले सकता है, कौन भरोसा दे सकता है और कौन लंबे समय तक विकास का भागीदार बन सकता है। हरियाणा अब इसी क्षेत्र में नेतृत्व करने जा रहा है। 'मेक इन हरियाणा' केवल एक औद्योगिक नीति नहीं, बल्कि हरियाणा के आर्थिक विकास के अगले चरण का रोडमैप है, जो प्रतिस्पर्धात्मकता, नवाचार, सतत विकास, निर्यात, रोजगार और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विनिर्माण पर आधारित है।"
डॉक्टर की डिग्री, लेकिन चुना प्रशासन का रास्ता

डॉ. अमित कुमार अग्रवाल मूल रूप से राजस्थान के जयपुर के निवासी हैं। उन्होंने जयपुर के प्रतिष्ठित एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की, लेकिन चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के बजाय प्रशासनिक सेवा को अपना लक्ष्य बनाया। चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने की इच्छा ने उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा की ओर आकर्षित किया और उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया।
दिलचस्प तथ्य यह है कि एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने कभी चिकित्सक के रूप में न तो निजी और न ही सरकारी स्तर पर प्रैक्टिस की। उनका झुकाव शुरू से ही प्रशासनिक और नीति निर्माण संबंधी कार्यों की ओर रहा।
मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारियों में शुमार

डॉ. अमित अग्रवाल की प्रशासनिक क्षमता और कार्यकुशलता का ही परिणाम है कि उन्हें उद्योग विभाग के साथ-साथ सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग का कमिश्नर एवं सचिव भी बनाया गया है। वह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अतिरिक्त प्रधान सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अतिरिक्त प्रधान सचिव-1 तथा हरियाणा जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक (डीजीआईपीआर) के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रशासनिक अनुभव की लंबी पारी
अपने प्रशासनिक करियर में डॉ. अमित अग्रवाल राज्यपाल के सचिव, आबकारी एवं कराधान आयुक्त तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। फील्ड प्रशासन में भी उनका अनुभव व्यापक रहा है। उन्होंने गुरुग्राम में सहायक आयुक्त, हिसार में एसडीएम, पानीपत में एडीसी, फरीदाबाद में हुड्डा प्रशासक तथा यमुनानगर, हिसार, पलवल, रोहतक और फरीदाबाद में उपायुक्त के रूप में सेवाएं दी हैं।
निवेश और औद्योगिक विकास के नए चेहरे
हरियाणा की नई औद्योगिक नीति को मिली शानदार शुरुआत ने डॉ. अमित अग्रवाल को राज्य के निवेश और औद्योगिक विकास अभियान के प्रमुख चेहरों में शामिल कर दिया है। प्रशासनिक अनुभव, नीतिगत समझ और परिणामोन्मुख कार्यशैली के कारण वे नायब सरकार के उन चुनिंदा अधिकारियों में गिने जा रहे हैं जिन पर सरकार बड़े और चुनौतीपूर्ण दायित्वों के लिए भरोसा जता रही है।

‘मेक इन हरियाणा’ नीति के पहले ही दिन मिले 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव इस बात का संकेत हैं कि हरियाणा अब देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में डॉ. अमित अग्रवाल की भूमिका एक ऐसे अधिकारी की रही है, जिसने डॉक्टर से आईएएस बनने के अपने सफर को प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई कहानी से जोड़ दिया है।

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