Edited By Manisha rana, Updated: 24 May, 2026 07:40 AM

हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण का एक अलग और आध्यात्मिक स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब वे प्रख्यात कथावाचक प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में एक साधारण भगत के रूप में नजर आए।
चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण का एक अलग और आध्यात्मिक स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब वे प्रख्यात कथावाचक प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में एक साधारण भगत के रूप में नजर आए। सार्वजनिक जीवन में गंभीर और जिम्मेदार भूमिका निभाने वाले हरविंद्र कल्याण का यह सहज, विनम्र और भक्तिमय रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
हरविंद्र कल्याण ने अपनी धर्मपत्नी रेशमा कल्याण के साथ पंडित प्रदीप मिश्रा जी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने केवल अतिथि के रूप में उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई, बल्कि एक सच्चे शिवभक्त की भावना के साथ सेवा कार्यों में भी भाग लिया। विशेष बात यह रही कि स्पीकर कल्याण ने स्वयं भगत बनकर ड्यूटी निभाई और श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद तैयार करने में भी हाथ बंटाया। इस अवसर पर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा जी की मधुर वाणी में आयोजित “चतुर्थ संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा” एवं “संकट हरण अखण्ड भारत महायज्ञ” में सम्मिलित होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है।
कल्याण ने यह भी कहा कि भक्ति के भीतर एक अलग ही आनंद और आत्मिक शांति छिपी होती है। व्यक्ति चाहे किसी भी पद पर हो, ईश्वर के दरबार में सभी समान होते हैं। यही भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता है। धार्मिक आयोजन के दौरान हरविंद्र कल्याण का सरल और सेवाभावी व्यक्तित्व श्रद्धालुओं को भी प्रभावित करता दिखाई दिया। राजनीतिक और सामाजिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच उनका यह आध्यात्मिक जुड़ाव यह संदेश देता है कि सेवा, श्रद्धा और संस्कार भारतीय जीवन पद्धति की मूल आत्मा हैं।
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