Edited By Isha, Updated: 15 May, 2026 09:03 PM

भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय संगठन और केंद्रीय नेतृत्व अब भाजपा शासित राज्यों में पूर्ण हो चुके बड़े विकास कार्यों की समीक्षा कर रहा है। विशेष रूप से उन परियोजनाओं की सूची तैयार की जा रही है, जो भाजपा
चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी): भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय संगठन और केंद्रीय नेतृत्व अब भाजपा शासित राज्यों में पूर्ण हो चुके बड़े विकास कार्यों की समीक्षा कर रहा है। विशेष रूप से उन परियोजनाओं की सूची तैयार की जा रही है, जो भाजपा सरकारों के कार्यकाल में बनकर तैयार हो चुकी हैं, लेकिन अब तक उनके लोकार्पण का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारें ऐसे प्रोजेक्टों का शीघ्र उद्घाटन कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा में भाजपा सरकार के दौरान बने कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों की रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंच चुकी है। इनमें हरियाणा के वरिष्ठ नेता, सातवीं बार विधायक एवं लगातार कैबिनेट मंत्री रहे अनिल विज के अंबाला छावनी स्थित दो ड्रीम प्रोजेक्ट—अंबाला एयरपोर्ट और 1857 की पहली आजादी की लड़ाई को समर्पित शहीद स्मारक—विशेष रूप से शामिल हैं। दोनों परियोजनाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं और अब केवल औपचारिक लोकार्पण बाकी है।
हरियाणा के विकास में जुड़ने जा रहा नया अध्याय
अंबाला छावनी के ये दोनों महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट हरियाणा के विकास और ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक माने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के समन्वित प्रयासों से इन परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इनके उद्घाटन की तारीख घोषित हो सकती है।
अंबाला एयरपोर्ट: विकास को मिलेगी नई उड़ान
अंबाला एयरपोर्ट अब लगभग पूरी तरह तैयार है और केवल औपचारिक उद्घाटन की प्रतीक्षा में है। एयरपोर्ट को एविएशन विभाग को हैंडओवर करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। यहां सुरक्षा मानकों की जांच, एक्स-रे मशीनों का परीक्षण, सिक्योरिटी क्लियरेंस, स्टाफ सुविधाएं, फर्नीचर और यात्रियों के लिए बुनियादी ढांचा पूरी तरह स्थापित किया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार अंतिम चरण में कुछ तकनीकी औपचारिकताएं और पेंटिंग का कार्य शेष है, जिसे तेजी से पूरा किया जा रहा है।
अनिल विज के अनुसार, केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद प्रारंभिक चरण में अंबाला से अयोध्या, लखनऊ, जम्मू और श्रीनगर के लिए उड़ानें शुरू की जाएंगी। तीन एयरलाइनों को संचालन की मंजूरी भी मिल चुकी है, जबकि अन्य विमानन कंपनियां भी यहां से सेवाएं शुरू करने की इच्छुक हैं।
एयरपोर्ट की लोकेशन बनेगी सबसे बड़ी ताकत
अंबाला एयरपोर्ट की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रणनीतिक लोकेशन मानी जा रही है। जीटी रोड से सटा और शहर के मध्य स्थित यह एयरपोर्ट देश के चुनिंदा ऐसे एयरपोर्ट्स में शामिल होगा, जहां यात्रियों की पहुंच बेहद आसान होगी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड महज लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, जिससे यात्रियों को बेहतरीन कनेक्टिविटी मिलेगी। यह एयरपोर्ट न केवल हरियाणा बल्कि हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के जिलों—कैथल, जींद आदि—के लोगों के लिए भी बड़ा हवाई केंद्र बन सकता है। इससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई गति मिलने की संभावना है।
1857 शहीद स्मारक: इतिहास को मिलेगा उसका सम्मान
अंबाला छावनी में बन रहा 1857 की क्रांति का भव्य शहीद स्मारक देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को नई पहचान देने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है। यह स्मारक 1857 के उन वीर सपूतों को समर्पित है जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
अनिल विज का कहना है कि 1857 के इन शहीदों को इतिहास में वह सम्मान नहीं मिल पाया जिसके वे वास्तविक हकदार थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने पिछले लगभग 20-25 वर्षों तक लगातार संघर्ष कर इस स्मारक के निर्माण को साकार किया।
नई पीढ़ी के लिए बनेगा प्रेरणा केंद्र
इस स्मारक में 1857 की लड़ाई से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग, शहीदों की वीरगाथाएं और उस दौर की घटनाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। यह केवल एक स्मारक नहीं बल्कि इतिहास, राष्ट्रभक्ति और प्रेरणा का जीवंत केंद्र बनने जा रहा है, जहां नई पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ सकेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर हो सकता है लोकार्पण
दोनों परियोजनाओं के महत्व को देखते हुए हरियाणा सरकार इनके भव्य लोकार्पण की तैयारी कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि इनका उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi या केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के हाथों कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने भी संकेत दिए हैं कि 1857 शहीद स्मारक का उद्घाटन शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा सकता है।
विकास और विरासत का संगम
अंबाला के ये दोनों प्रोजेक्ट केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि विकास और विरासत के प्रतीक बनकर उभर रहे हैं।
एक ओर अंबाला एयरपोर्ट आधुनिक हरियाणा की प्रगति, कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा देगा, वहीं दूसरी ओर 1857 शहीद स्मारक देशभक्ति, इतिहास और बलिदान की भावना को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य करेगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से अंबाला राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान के साथ उभरेगा। अंबाला एयरपोर्ट और 1857 शहीद स्मारक हरियाणा में “डबल इंजन विकास” की सशक्त मिसाल बनने जा रहे हैं।