रेवाड़ी में सियासी मेल-मिलाप: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव

Edited By Isha, Updated: 20 Apr, 2026 07:38 PM

former minister captain ajay singh yadav meets samajwadi party national presiden

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रेवाड़ी स्थित हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के निवास स्थान पर पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने परिवारजनों एवं कार्यकर्ताओं से आत्मीय मुलाकात की और...

चंडीगढ़(चंद्र शेखर धरणी ) : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रेवाड़ी स्थित हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के निवास स्थान पर पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने परिवारजनों एवं कार्यकर्ताओं से आत्मीय मुलाकात की और हालचाल जाना।

यह उल्लेखनीय है कि अखिलेश यादव और कैप्टन अजय सिंह यादव आपस में पारिवारिक रिश्तों से भी जुड़े हुए हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की एक पुत्री का विवाह कैप्टन अजय सिंह यादव के पुत्र चिरंजीव राव से हुआ है, जबकि उनकी एक अन्य पुत्री का विवाह अखिलेश यादव के परिवार में हुआ है। इस प्रकार दोनों परिवारों के बीच घनिष्ठ संबंध हैं। अपने प्रवास के दौरान अखिलेश यादव ने चिरंजीव राव एवं कैप्टन अजय सिंह यादव की धर्मपत्नी श्रीमती शकुंतला यादव से भी मुलाकात की और पारिवारिक विषयों पर चर्चा की।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि महिला आरक्षण के पक्ष में सभी विपक्षी दल एकजुट हैं और कोई भी इसके खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि जब महिला आरक्षण पहली बार लाया गया था, तब सभी ने इसका समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संबोधन से देश की जनता को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वह उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को सम्मान देने की बात तभी सार्थक होगी, जब उसमें पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और आदिवासी समाज को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है, तो उसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रही है और आरक्षण की आड़ में अपने मनमाफिक परिसीमन लागू करने की साजिश रच रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को अधिकार देना चाहती है, तो 2023 में पारित बिल को तुरंत लागू करे—पूरा देश इसका स्वागत करेगा। महिलाओं के नाम पर राजनीति नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक अधिकार दिए जाने चाहिए।

इस अवसर पर कैप्टन अजय सिंह यादव ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बात आती है, कांग्रेस पार्टी हमेशा मजबूती से उनके साथ खड़ी रही है। महिलाओं के आरक्षण से कांग्रेस पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि वह इसका खुले दिल से स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाया गया नया परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक राजनीतिक षड्यंत्र की बू देता है। इतना बड़ा बदलाव बिना पारदर्शिता के कैसे किया जा सकता है, यह एक बड़ा प्रश्न है। उन्होंने आगे कहा कि 2011 की जनगणना को आधार बनाना उचित नहीं है। पहले नई जनगणना कराई जानी चाहिए, उसके बाद निष्पक्ष परिसीमन और फिर आरक्षण लागू होना चाहिए।

कैप्टन अजय सिंह यादव ने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। कई राज्यों में सीटों का संतुलन सही तरीके से नहीं किया जा रहा है और परिसीमन प्रक्रिया को मनमाने तरीके से लागू करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, ओबीसी, अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और कांग्रेस पार्टी सहित पूरा विपक्ष इसके समर्थन में खड़ा है। देश को एक न्यायपूर्ण और पारदर्शी व्यवस्था की आवश्यकता है, न कि राजनीतिक हेरफेर की।
 

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