Edited By Yakeen Kumar, Updated: 23 Sep, 2025 09:48 PM

98 वर्षीय किसान चंद्र ने लगभग 3 साल की कानूनी लड़ाई के बाद फसल खराबे के मुआवजे का केस जीत लिया।
जींद (अमनदीप पिलानिया) : जींद जिले के गांव भैरोखेड़ा के 98 वर्षीय किसान चंद्र ने लगभग 3 साल की कानूनी लड़ाई के बाद फसल खराबे के मुआवजे का केस जीत लिया। किसान ने 13 दिसंबर 2019 को बैंक ऑफ बड़ौदा के माध्यम से 10 एकड़ गेहूं की फसल का बीमा करवाया था। उसी साल जलभराव के कारण पूरी फसल बर्बाद हो गई।
मुआवजे के लिए किसान ने कृषि विभाग और बीमा कंपनी के कई चक्कर लगाए, लेकिन समाधान न मिलने पर 23 फरवरी 2021 को अधिवक्ता रणबीर नरवाल के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में मामला दर्ज कराया। अब करीब 3 साल बाद आयोग के अध्यक्ष एके सरदाना की पीठ ने सात जून 2024 को किसान के पक्ष में फैसला सुनाया।
मानसिक पीड़ा का भी देना होगा
उपभोक्ता कमीशन के अध्यक्ष एके सरदाना की पीठ द्वारा 7 जून 2024 को बीमा कंपनी को जवाबदेही तय करते हुए बुजुर्ग किसान को 2 लाख 57 हजार 418 रुपये मुआवजा देने का आदेश जारी किया। इसके साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया खर्च व मानसिक पीड़ा के तौर पर भी 20 हजार रुपये किसान को देने का आदेश दिया गया।
कानून सभी नागरिकों की सुरक्षा के लिए बना- बुजुर्ग किसान
बुजुर्ग किसान किसान चंद्र ने कहा कि उन्होंने अंग्रेजों का दौर भी देखा है। वहीं आजादी के बाद वह अनुभूति कर रहा है कि हमारे देश का कानून सभी नागरिकों की सुरक्षाए न्याय व सम्मान के लिए बना है।
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