Edited By Krishan Rana, Updated: 13 Mar, 2026 06:04 PM

केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अभियान "सशक्त पंचायत महिला नेत्री अभियान" में प्रसिद्ध
जींद : केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अभियान "सशक्त पंचायत महिला नेत्री अभियान" में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं सेल्फी विद डॉटर अभियान के जनक सुनील जागलान को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। मंत्रालय ने उनके द्वारा विकसित "धुरंधर सरपंच लीडरशिप प्रोग्राम" को इस अभियान में प्रमुख प्रशिक्षण सत्र के रूप में शामिल किया है, जो देश भर की महिला सरपंचों को सशक्त, स्वतंत्र और प्रभावी नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
दिल्ली में आयोजित इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रशिक्षण सत्र में पंचायती राज मंत्री श्री ललन सिंह, सचिव श्री विवेक भारद्वाज और अपर सचिव श्री सुशील लोहानी यूएन विमेन व यूएनएफपीए की भारत की अध्यक्षा की मौजूदगी में श्री सुनील जागलान ने देश केसभी राज्यों से आईं करीब 750 महिला सरपंचों को "धुरंधर सरपंच" बनाने का मूल मंत्र प्रदान किया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से सरपंच पति की कुप्रथा को समाप्त करने पर केंद्रित है, जिसमें पति पत्नी के नाम पर निर्वाचित सरपंच की बजाय पंचायत चलाते हैं। श्री जगलान ने स्पष्ट किया कि यह कुरीति महिला नेतृत्व को कमजोर करती है और ग्रामीण विकास में बाधा बनती है। उनके प्रशिक्षण से महिला सरपंचें अब वास्तविक रूप से निर्णय लेने, योजनाओं को लागू करने और गांव को महिला एवं बालिका हितैषी बनाने में सक्षम होंगी।
सुनील जागलान ने अपने प्रशिक्षण में बीबीपुर मॉडल की ऐतिहासिक कहानी भी साझा की। हरियाणा के जींद जिले के बीबीपुर गांव में 2010 से 2015 तक सरपंच रहते हुए उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण में अभूतपूर्व कार्य किए। उनके द्वारा शुरू किया गया "सेल्फी विद डॉटर" अभियान विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हुआ, जिसकी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में सराहना की और पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने भी प्रशंसा की।
राष्ट्रपति भवन द्वारा अपनाया गया यह बीबीपुर मॉडल ऑफ विमेन एम्पॉवरमेंट एंड विले डेवलपमेंट आज देश की सैकड़ों पंचायतों में लागू हो चुका है। श्री जगलान ने 15 वर्षों के अनुभव, 10 हजार से अधिक गांवों की यात्रा और सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के माध्यम से लैंगिक समानता, बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को बढ़ावा दिया है।
"धुरंधर सरपंच लीडरशिप प्रोग्राम" में महिला सरपंचों को महिला व बालिका हितैषी दिवान पंचायत बनाने का सुत्र , सामाजिक-आर्थिक समझ, बाजार की बारीकियों, प्रेस एवं संचार के उपयोग, प्रभावी ग्राम विकास योजनाओं, विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की रणनीति तथा प्रेस कॉन्फ्रेंस जैसी कला पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाता है। दिसंबर से शुरू इस कार्यक्रम के तहत श्री जगलान देश भर में ट्रेनिंग दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण स्तर पर लैंगिक समानता सुनिश्चित हो रही है।
जागलान का मानना है कि सशक्त महिला नेतृत्व ही विकसित भारत 2047 का मजबूत आधार बनेगा व नारी वंदन अधिनियम को जमीनी स्तर पर लागू करके लोकसभा व विधानसभा में मज़बूत नेतृत्व देश प्रदेश को देगा । यह कार्यक्रम न केवल सरपंच पति प्रथा जैसी कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकेगा, बल्कि गांवों को समावेशी, समृद्ध, न्यायपूर्ण एवं महिला-बालिका केंद्रित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा इस पहल को अपनाना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस और ऐतिहासिक कदम है, जो ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)