हिंदी सलाहकार समिति में हरियाणा से डॉ. चौहान मनोनीत, रेल मंत्रालय ने जारी की नवगठित समिति की अधिसूचना

Edited By Deepak Kumar, Updated: 25 Oct, 2025 06:05 PM

dr virendra singh chauhan nominated from haryana in hindi advisory committee

हरियाणा के प्रसिद्ध हिंदी सेवी, पत्रकार एवं ग्रामीण विकास मामलों के अध्येता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान को भारत सरकार के रेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। रेल मंत्रालय ने समिति के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी कर दी है।

चंडीगढ़ (चंद्र शेखर धरणी) : हरियाणा के प्रसिद्ध हिंदी सेवी, पत्रकार एवं ग्रामीण विकास मामलों के अध्येता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान को भारत सरकार के रेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। रेल मंत्रालय ने समिति के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में गठित यह समिति आगामी तीन वर्षों के लिए कार्य करेगी। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान (नीलोखेड़ी) के निदेशक डॉ. चौहान वर्तमान में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के भी सदस्य हैं। उल्लेखनीय है कि इन समितियों में देशभर से ऐसे प्रतिष्ठित विद्वानों, लेखकों और हिंदी सेवियों को शामिल किया जाता है, जो हिंदी भाषा के संवर्धन, प्रसार और सरकारी कामकाज में इसके प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के प्रवक्ता ने बताया कि डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान लंबे समय से हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और प्रशासनिक कार्यों में इसके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ाने के लिए समर्पित रहे हैं। वे हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं निदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा सरकारी कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग हेतु अनेक प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन कर चुके हैं। हिंदी पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में भी डॉ. चौहान का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने कई वर्षों तक दैनिक द ट्रिब्यून, अमर उजाला और दिव्य हिमाचल जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में कार्य किया है। साथ ही, वे चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा में पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

रेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति में डॉ. चौहान की सदस्यता से हरियाणा के हिंदी प्रेमियों, शिक्षाविदों और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यकर्ताओं में गौरव और प्रसन्नता की भावना व्यक्त की जा रही है। उनसे अपेक्षा की जा रही है कि वे मंत्रालय के कार्यकलापों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग तथा रेल प्रशासन में राजभाषा के सशक्त क्रियान्वयन के लिए अपने अनुभव और सुझावों से सार्थक योगदान देंगे।

राजभाषा हिंदी में काम अब गौरव का विषय : डॉ. चौहान

अपने मनोनयन के लिए रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि “राजभाषा के रूप में हिंदी के उपयोग के क्षेत्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आग्रह और गृह मंत्री श्री अमित शाह की व्यक्तिगत रुचि के कारण उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जब प्रधानमंत्री देश और विदेश के वैश्विक मंचों पर हिंदी में बोलते हैं, तो प्रत्येक भारतवासी का माथा गर्व से ऊंचा हो जाता है।”

उन्होंने कहा कि अब हिंदी तकनीकी और उच्च शिक्षा का माध्यम भी बन रही है, जो नई पीढ़ी के लिए भाषा और विज्ञान के समन्वय की दिशा में बड़ा कदम है। डॉ. चौहान ने कहा कि वे दोनों मंत्रालयों की हिंदी सलाहकार समितियों के सदस्य के रूप में राजभाषा हिंदी के प्रचार और सुदृढ़ीकरण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।

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