Edited By Krishan Rana, Updated: 21 Mar, 2026 08:34 PM

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर
चंडीगढ़ (चन्द्रशेखर धरणी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की। राज्यसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद यह दोनों नेताओं की पहली अहम बैठक मानी जा रही है, जिससे सियासी हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में हरियाणा के हालिया राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान और प्रदेश की समग्र राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही हाल ही में संपन्न हुए हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र की गतिविधियों और सरकार के कामकाज की जानकारी भी केंद्रीय नेतृत्व को दी गई।
कांग्रेस की कलह पर भाजपा की पैनी नजर
राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को खास तौर पर कांग्रेस के भीतर मचे घमासान से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा नेतृत्व प्रदेश में विपक्ष की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राम कृष्ण गुज्जर द्वारा अपनी ही पत्नी और कांग्रेस विधायक शैली चौधरी पर क्रॉस वोटिंग के आरोप के बाद इस्तीफे की खबरों ने सियासत को और गरमा दिया है। यह घटनाक्रम कांग्रेस की आंतरिक स्थिति को उजागर करता है, जिसका राजनीतिक लाभ भाजपा उठाने की रणनीति में दिख रही है।
रणनीति और संदेश दोनों
विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह और नायब सिंह सैनी की यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक भी है। इसमें आगामी राजनीतिक समीकरणों, संभावित बदलावों और विपक्ष की कमजोरी का लाभ उठाने के विकल्पों पर चर्चा हुई होगी।
पंजाब चुनाव को लेकर भी हुई अहम चर्चा
इस बैठक में केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पड़ोसी पंजाब के आगामी चुनाव भी प्रमुख एजेंडे में रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पंजाब में पार्टी की रणनीति को लेकर मार्गदर्शन लिया। उल्लेखनीय है कि सैनी पिछले कुछ समय से पंजाब में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। वे जनसंपर्क अभियानों, जनसभाओं और राजनीतिक यात्राओं के माध्यम से वहां पार्टी की जमीन मजबूत करने में जुटे हुए हैं। ऐसे में इस मुलाकात को आगामी चुनावों की तैयारी के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा की नजर आगे की चाल पर
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद बने हालात और कांग्रेस में बढ़ती टूट-फूट के बीच भाजपा अब पूरी तरह आक्रामक रणनीति के मूड में नजर आ रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा इस राजनीतिक अस्थिरता को अपने पक्ष में और मजबूती से भुना पाती है, या कांग्रेस अपने आंतरिक मतभेदों को सुलझाकर वापसी करती है।
फिलहाल, शाह-सैनी मुलाकात ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि हरियाणा ही नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीति में भी आने वाले समय में बड़े सियासी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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