Edited By Yakeen Kumar, Updated: 09 Jan, 2026 08:38 PM

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने के बाद जस्टिस सूर्यकांत शुक्रवार को हांसी पहुंचे। यहां पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पुलिस टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद वे हांसी बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में शामिल हुए और अधिवक्ताओं को संबोधित किया।
हांसी (संदीप सैनी) : भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने के बाद जस्टिस सूर्यकांत शुक्रवार को हांसी पहुंचे। यहां पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पुलिस टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद वे हांसी बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में शामिल हुए और अधिवक्ताओं को संबोधित किया।
अपने संबोधन में CJI ने हांसी से जुड़ी निजी यादें साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पहली फिल्म यहीं देखी थी और उनके पिता उन्हें साइकिल पर सिनेमाघर लेकर गए थे। उन्होंने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद 21 अप्रैल 1984 से उन्होंने कोर्ट जाना शुरू कर दिया था और 29 जुलाई को उन्हें लाइसेंस मिला। उन्होनें कहा कि मैं हिसार से सिर्फ दो जोड़ी कपड़े लेकर चंडीगढ़ गया था। बड़े वकीलों का आशीर्वाद मिला और जीवन की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ा।
जस्टिस सूर्यकांत ने वकीलों से आधुनिक दौर की चुनौतियों को स्वीकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सब-डिवीजन और जिला स्तर के वकीलों को तकनीक के अनुरूप खुद को अपडेट करना होगा, प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने होंगे और बड़े शहरों के वकीलों की तरह प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होना होगा। उन्होंने ई-लाइब्रेरी, अंतरराष्ट्रीय मामलों के अध्ययन और भाषा की बाधाओं को पार करने पर भी जोर दिया।
हांसी को जिला बनाए जाने पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बधाई दी और कहा कि हाईकोर्ट से इसे सेशन डिवीजन घोषित कराने का प्रयास किया जाएगा। न्यायपालिका की बढ़ती जिम्मेदारियों पर बोलते हुए CJI ने कहा कि देश की प्रगति के साथ अदालतों पर बोझ बढ़ा है। मजबूत न्यायपालिका से ही विदेशी निवेश (FDI) आता है।
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