Edited By Isha, Updated: 12 Feb, 2026 04:35 PM

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब चार लाख कथित सीबीआई ने मंगलवार को पंचकूला की विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी।जांच एजेंसी ने किसी भी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई
चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब चार लाख कथित सीबीआई ने मंगलवार को पंचकूला की विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी।जांच एजेंसी ने किसी भी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही है। सीबीआई की इस रिपोर्ट को विशेष अदालत की स्वीकृति मिलना अभी बाकी है।
यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अतिथि अध्यापकों से जुड़ी सुनवाई के दौरान सामने आया था। मार्च 2016 में किए गए सत्यापन में पाया गया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में दर्ज 22 लाख विद्यार्थियों में से लगभग 18 लाख ही वास्तविक थे। जांच में संकेत मिले कि कमजोर और निम्न आय वर्ग के छात्रों के लिए चलाई जा रही मिड डे मील जैसी योजनाओं का कथित रूप से दुरुपयोग हो रहा था।
हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि अचानक चार लाख बच्चे कहां गायब हो गए जिस पर सरकार संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई थी। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि सरकारी राशि हड़पने वालों पर कार्रवाई की जाए।
मामले की प्रारंभिक जांच सतर्कता ब्यूरो को सौंपी गई थी। इसके बाद 2018 में सात एफआईआर दर्ज की गई। करनाल, हिसार और फरीदाबाद में दर्ज मामलों में हजारों ड्रॉपआउट, अनुपस्थित या स्कूल छोड़ने वाले छात्रों के दाखिले से जुड़ी अनियमितताएं सामने आई। जांच के लिए राज्यभर के 12,924 स्कूलों से आंकड़े जुटाए गए। इनमें 22 जिलों के 532 स्कूलों में ड्रॉपआउट दर 40 फीसदी से अधिक पाई गई।
2019 में केस सीबीआई को सौंपा गया
इस मामले की जांच में देरी को देखते हुए अदालत ने नवंबर 2019 में केस सीबीआई को सौंपा दिया। सुप्रीम कोर्ट में चुनौती खारिज होने के बाद सीबीआई ने 2024 में चार केस दर्ज किए और दो मामलों में अब क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। दस्तावेजों का विस्तृत रिकॉर्ड अदालत के निर्देश पर प्रस्तुत किया जाएगा।