सांकेतिक रूप से जिम्मेदारी संभालने जा रहे गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान बलजीत सिंह

Edited By Gourav Chouhan, Updated: 22 Sep, 2022 07:37 PM

baljit singh the head of the gurdwara committee

हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल कमेटी के मंजी साहिब और नीम साहिब गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। इस दौरान उनका जोरदार स्वागत किया गया।

कैथल(जयपाल): हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल कमेटी के मंजी साहिब और नीम साहिब गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। इस दौरान उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने  देश व प्रदेशवासियों को अपनी जीत की बधाई दी। वहीं न्यायापालिका पर हर तरह से विश्वास जताया। इसके साथ ही बलजीत सिंह ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है। इसके लिए मै सभी को लाख-लाख बधाई देता हूं। ये भी कहा कि प्रशासन के सहयोग से शांतिपूर्ण तरिके से हम ऐतिहासिक गुरुद्वारों की जिम्मेदारी हम आज सांकेतिक रूप में संभाल रहे हैं। कागजी कार्रवाई में थोड़ा समय लगेगा।  क्योंकि 52 ऐतिहासिक गुरुद्वारे हैं।  सभी तरफ से फोन आ रहे हैं और हम सभी जगह जाकर मत्था टेक कर प्रशासन के सहयोग से जिम्मेदारी संभालेंगे।

 

गुरु महराज की असीम कृपा से कमेटी ने केस जीती है: बलजीत

 

ये भी कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुद्वारों की सेवा करने का मौका दिया है। जिससे गुरुद्वारों के साथ-साथ स्कूल व अन्य संस्थाएं भी गुरुद्वारा कमेटी के अधीन काम करेंगी। गुरु महाराज जी असीम कृपया से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी माननीय कोर्ट में केस जीती है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह व प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भी फैसले में विशेष योगदान रहा है। क्योंकि समय-समय पर कोर्ट में सरकार के आदेश पर ही सरकारी वकीलों ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से मजबूत पक्ष रखा है।

 

धर्म,शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा: बलजीत

 

एचएसजीएमसी के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि हरियाणा के सिखों और एचएसजीएमसी सदस्यों ने धर्मस्थलों का प्रबंधन हासिल करने के लिए काफी संघर्ष किया है। हम हरियाणा समिति का समर्थन करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के आभारी हैं। अब राज्य में एसजीपीसी द्वारा प्रबंधित किए जा रहे सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारों, स्कूलों और कॉलेजों का प्रबंधन हरियाणा पैनल द्वारा किया जाएगा और हम जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए समर्पण के साथ काम करेंगे। हम धर्म प्रचार, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं पर ध्यान देंगे। हम एसजीपीसी से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करने और मंदिरों का प्रबंधन हरियाणा कमेटी को सौंपने की अपील करेंगे। अदालतों में करोड़ों खर्च किए गए हैं। जबकि उस पैसे का इस्तेमाल विकास कार्यों के लिए किया जा सकता था।  अंत में उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा को हमेशा छोटा भाई कहता है। अब एसजीपीसी अपने छोटे भाई को सेवा संभालने की जिम्मेदारी देगी।

 

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