Imperia Esfera सोसाइटी में गिरा छज्जा तो Puri Emrald में प्लास्टर का बड़ा हिस्सा

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 09 Jul, 2026 09:38 AM

balcony overhang collapses in two society in gurgaon

बरसात की शुरुआत होते ही अब गुड़गांव में बनी बिल्डर सोसाइटियों में भी घटनाएं शुरू हो गई हैं। बुधवार देर रात को बिल्डर को दो अलग-अलग सोसाइटियों में छज्जा गिरने और छज्जे का प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।

गुड़गांव, (ब्यूरो): बरसात की शुरुआत होते ही अब गुड़गांव में बनी बिल्डर सोसाइटियों में भी घटनाएं शुरू हो गई हैं। बुधवार देर रात को बिल्डर को दो अलग-अलग सोसाइटियों में छज्जा गिरने और छज्जे का प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। गनीमत यह रही कि इन दोनों ही घटनाओं में किसी को भी चोट नहीं लगी, लेकिन इन सोसाइटियों में रहने वाले लोगों के मन में दहशत का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर इन सोसाइटियों का निर्माण किया गया है जिसके कारण अब वह अपनी जान जोखिम में डालकर इन सोसाइटियों में रह रहे हैं।

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बड़ी घटना Imperia Esfera सोसाइटी में हुई। यहां टावर ई की तीसरी मंजिल पर बने फ्लैट का छज्जा गिर गया। पूरा छज्जा गिरने के कारण दूसरी मंजिल के फ्लैट की पूरी दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। छज्जा गिरने की जोरदार आवाज सुनकर सोसाइटी निवासी बाहर आए। घटना देखकर लोगों के मन में दहशत का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त यहां कोई नहीं था अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

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वहीं, दूसरी घटना सेक्टर-104 की Puri Emrald सोसाइटी में हुई। यहां टावर ए-2 की 21वीं मंजिल से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह प्लास्टर गिरा उस वक्त यहां कोई नहीं था। वहीं, इतनी उंचाई से छज्जे के प्लास्टर का बड़ा हिस्सा गिरने के बाद लोगों में दहशत है। आपको बता दें कि सेक्टर-108 की चिंटल्स पैराडिसो सोसाइटी में छठी मंजिल का प्लास्टर गिरने के बाद गुड़गांव में बनी सोसाइटियों की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग गया था। इस घटना के बाद गुड़गांव की सोसाइटियों के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए जांच शुरू की गई थी। इसके लिए जिला स्तर पर कई टीमों का गठन किया गया था जिन्होंने सोसाइटियों का स्ट्रक्चर ऑडिट कर इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपनी थी ताकि इन पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। कुछ समय तक तो यह ऑडिट चलता रहा, लेकिन बाद में ऑडिट की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब एक बार फिर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं और लोगों ने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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