अनिल विज का खुला दरबार, दूर दराज से आने वाले फरियादियों के लिए बना वरदान

Edited By Isha, Updated: 12 Sep, 2021 01:54 PM

anil vij s open court a boon for the complainants coming from far flung

हरियाणा के गृह, शहरी स्थानीय निकाय एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के खुले दरबारों में पूरे हरियाणा से उमड़ती भीड़ जहां विज की लोकप्रियता का ग्राफ बताने के लिए काफी है,वहीं विज से फरियाद

चंडीगढ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा के गृह, शहरी स्थानीय निकाय एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के खुले दरबारों में पूरे हरियाणा से उमड़ती भीड़ जहां विज की लोकप्रियता का ग्राफ बताने के लिए काफी है,वहीं विज से फरियाद रखने व उसका हल निकलेगा की आस भी सभी के चेहरों से झलकती है।विज भी कहते हैं कि उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं। वह 100 बार भी आये उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं। जनता की समस्याओं को सुनते हुए उनका निवारण करने के लिए वह दिन-रात लगे हुए हैं। विज जनता दरबार के दौरान जितनी भी शिकायतें आती हैं वह उन्हें सुनते हैं और उनका पूरा प्रयास रहता है कि सभी शिकायतों का निदान तुरंत हो और प्रार्थी को इंसाफ मिले। लोगों को इंसाफ मिले, उनकी शिकायतें उनके जिले में सुनी जाएं, इसके लिए पुलिस अधीक्षक प्रतिदिन एक घंटा लोगों की शिकायतें सुनते हैं। उनका पूरा प्रयास रहता है कि सभी शिकायतों का निदान तुरंत हो और प्रार्थी को इंसाफ मिले।

अनिल विज द्वारा शनिवार व इतवार दो दिन अम्बाला में खुला दरबार लगाया जाता है।वैसे तो अनिल विज के घर अम्बाला में व चंडीगढ़ सचिवालय में प्रतिदिन लोगों का तांता लगा रहता है जो उनके पास विभिन्न समस्याओं के निवारण के लिए आते हैं।अनिल विज को दिया हर पत्र या शिकायत उनके कार्यालय से डायरी नम्बर व डेट डल कर सम्बंधित विभागों में अधिकारियों के पास जाती है।उस पर एक्शन क्या रहॉ उसकी जानकारी भी विभिन्न अधिकारियों द्वारा विज के कार्यालय भेजी जाती है। विज ने ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि जनता दरबार के दौरान आई.जी., सी.पी., एस.पी. को जो शिकायत मार्क की जाती है, उस पर सम्बन्धित अधिकारी 15 दिन के अंदर-अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट उनके कार्यालय के साथ-साथ प्रार्थी को भेजना सुनिश्चित करें। 

 जनता दरबार के दौरान ज्यादातर विज शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुन ,शिकायतों को सुनने के उपरांत सम्बन्धित अधिकारियों को इन शिकायतों का निवारण प्राथमिकता से करने के निर्देश देते हैं। उन्होंने कुछ शिकायतों के तहत पुलिस अधीक्षकों को फोन कर सम्बन्धित प्रार्थियों की शिकायतों का निवारण करने के निर्देश भी दिए जाते हैं। जनता दरबार के दौरान जो शिकायतें उन द्वारा मार्क करके सम्बन्धित को भेजी जाती है, यदि उसमें किसी प्रकार की लापरवाही या देरी नजर आती है तो उस मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाने में भी विज गुरेज नही करते। 

अनिल विज का खुला दरबार लोगों के लिए विशेष महत्व इसलिए भी रखता हैं क्योंकि विज फरियादी की सुन तुरंत फैंसला व आदेश ऑन द स्पॉट करते है।इस दरबार मे आने के लिए किसी को किसी की सिफारिश की आवश्यकता नही पड़ती।अनिल विज का अपना वर्किंग स्टाइल है।जनता दरबार के दौरान आने वाली शिकायतों पर गृहमंत्री अनिल विज ने यह भी कहते हैं कि जो शिकायत सम्बन्धित को भेजी जाती है, उस पर काउंटर चैक करने का काम भी किया जा रहा है। उसकी एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी जा रही है, जो काम नहीं करता, निर्धारित मापदंडों के तहत उस पर कार्रवाई भी की जा रही है। कुरूक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक को उनके जिले से सम्बन्धित शिकायतों का निवारण करने में देरी करने के लिए स्पष्टीकरण पत्र भी जारी किया गया है। यदि कोई भी उन द्वारा मार्क की गई शिकायत पर नियमों के तहत कार्रवाई में देरी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। 


विज के अधीन स्वास्थ्य,निकाय व गृह विभाग सीधे रूप से कॅरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे है।आम जनता के हित मे जो कदम उठाने है।विज मानते हैं कि वह फाइल्स व निर्णय रुकें न ,लटके न-उनके स्वास्थ्य से ज्यादा जरूरी है।जब जनता ने सेवा के लिए चुना है,तो जनता की रक्षा व सुरक्षा ही उनका प्रथम धेय्य है।गौरतलब है कि अनिल विज को डॉक्टर्स भी समय समय पर कम्प्लीट रेस्ट की सलाह देते है,मगर विज डॉक्टर्स की सलाह को दर किनार करके भी हरियाणा सचिवालय आ विभिन विभागों की मीटिंगे कर रहें है व रूटीन बरकरार रखें हैं।      

हरियाणा के गृह,स्वास्थ्य निकाय मंत्री अनिल विज के लिए कोविड काल व्यक्तिगत रूप से किन्ही भारी चुनोतियाँ से कम नही रहॉ।वह 9 जून 2020 को अम्बाला अपने घर बॉथरूम में स्लिप हो गए।व उन्हें ग़मबीर चोटें आई थी।आई सी यू में थाई की सर्जरी के बाद डॉक्टरों की सुपरविजन में उपचाराधीन अनिल विज की 10 जून 2020 को सर्जरी हुई थी। अनिल विज की सर्जरी के बाद उन्हें आई सी यू में रखा गया था क्योंकि वह डायबिटीज व बी पी के पेशेंट है। इनकी छुट्टी 25 जून को हुई थी।तब 35 दिनों के बाद विज ने हरियाणा सचिवालय पहुंच मोर्चा संभाला लिया था।

तीसरी बार वह रक्षा बंधन के दिन 22 अगस्त की आक्सीजन लेबल ठीक न होने पर पी जी आई में दाखिल रहे।जहां वह दस दिन के करीब उपचाराधीन रहे।पी जी आई से सीधा हरियाणा सचिवालय पहुंचे। इस दौरान हस्पताल व घर से मोबाइल, लेपटॉप, या वी सी से जहां वह काम संभालते रहे वहीं अपने निजी स्टाफ के माध्यम से फाइल्स मंगवा निकालते भी रहे। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज पिछले 18 महीनों से प्रो एक्टिव राजनीतिक बैटिंग कर रहे हैं। जिससे उनके राजनीतिक कद केवल हरियाणा की ही नहीं केंद्र की राजनीति में भी बढ़ रहा है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिल कर अम्बाला के डोमेस्टिक एयरपोर्ट को स्वीकृत्ति दिलवाना विज की उपलब्धियों में शामिल है।

 

 

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