एम डब्ल्यू बी द्वारा A I की ट्रेनिंग शुरू, स्पीकर हरविंदर कल्याण ने की लांचिंग

Edited By Harman, Updated: 29 May, 2026 06:04 PM

ai training initiated by mwb speaker harvinder kalyan launches the program

मीडिया वेलबींग एसोसिएशन के तत्वावधान में पंचकूला स्थित रेड बिशप में आयोजित विशाल पत्रकार सम्मेलन एवं संगोष्ठी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), पत्रकारिता के बदलते स्वरूप तथा पत्रकार कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में...

पंचकूला (चन्द्र शेखर धरणी) : मीडिया वेलबींग एसोसिएशन के तत्वावधान में पंचकूला स्थित रेड बिशप में आयोजित विशाल पत्रकार सम्मेलन एवं संगोष्ठी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), पत्रकारिता के बदलते स्वरूप तथा पत्रकार कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने अपने संबोधन में एआई के बढ़ते प्रभाव और उसके जिम्मेदार उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि एआई केवल एक तकनीकी उपकरण है। इसका सदुपयोग और दुरुपयोग व्यक्ति के हाथ में है। इसलिए समाज, शिक्षा, पत्रकारिता और जनकल्याण के लिए इसका सकारात्मक उपयोग किया जाना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता दैनिक ट्रिब्यून के संपादक नरेश कौशल ने की। मुख्यमंत्री हरियाणा के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी व् वरिष्ठ समाजसेवी अजयवीर सहगल जी ने भी कार्यक्रम में शोभा बढ़ाते हुए अपने विचार रखे। वक्ताओं ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, तकनीकी चुनौतियों और मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। सम्मेलन के दौरान पत्रकारों को निःशुल्क कैशलेस हेल्थ, एक्सीडेंटल एवं टर्म इंश्योरेंस पॉलिसियां भी वितरित की गईं। इस पहल को पत्रकारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।अमर शहीद लाला जगत नारायण अवार्ड डॉक्टर मनमोहन सिंह को दिया गया।

कार्यक्रम में एआई, डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता की चुनौतियों और मीडिया कर्मियों के कल्याण से जुड़े विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन का समापन पत्रकारों के हितों की रक्षा, तकनीकी जागरूकता बढ़ाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। इस मौके पर संस्था द्वारा स्वास्थ्य कारणों से जूझ रहे कई पत्रकारों को आर्थिक मदद भी निजी कोश से की गई। साथ ही कई वरिष्ठ पत्रकारों को मंच पर मुख्य अतिथि के हाथों उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और समाज को अच्छी दिशा देने वाली पत्रकारिता को देखते हुए सम्मानित भी करवाया गया।

सम्मेलन के दौरान अतिथियों एवं विशिष्ट व्यक्तियों का पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मान किया गया। मीडिया वेलबींग एसोसिएशन की ओर से कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित किया गया वहीं पत्रकारिता जगत में उल्लेखनीय योगदान देने वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन सिंह, राममूर्ति शर्मा, मदन आजाद, सोहन सैनी, विजय बजाज, अनिल गोयल  को मुख्य अतिथि के हाथों मंच पर सम्मानित किया गया। इस मौके पर संस्था के महासचिव सुरेंद्र मेहता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश उप्पल, तरुण कपूर, पवन चोपड़ा, मेवा सिंह राणा, सुनील सरदाना, सुरेंद्र पाल वधावन, राजेंद्र वीनस, दीपक मिगलानी, तारा ठाकुर, जसबीर दुग्गल, सतनाम सिंह, विनोद लाहोट, समेत प्रदेश के कोने-कोने से सैकड़ो पत्रकारों ने शिरकत की।

अपने निजी कोष से संस्था ने कई पत्रकारों की  आर्थिक मदद की

इस अवसर पर पत्रकार कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए संस्था ने अपने निजी संसाधनों से उन पत्रकारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की, जो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं अथवा अन्य आपदाओं के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। संस्था की इस पहल की उपस्थित पत्रकारों और अतिथियों ने सराहना करते हुए इसे मीडिया जगत में सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कई वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित पत्रकारों को उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृति चिन्ह एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया।

संस्था की आगामी योजनाओ से पत्रकारों को बड़ा लाभ मिलेगा : धरणी

इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने संस्था द्वारा किए गये कार्यों बारे विस्तार से मंच के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज एमडब्ल्यूबी संस्था पूरे उत्तर भारत की सबसे बड़ी संस्था इसलिए बन गई है क्योंकि संस्था कभी किसी पत्रकार से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता, जबकि हर साल सैकड़ों की संख्या में संस्था पत्रकार सदस्यों के कई तरह के इंश्योरेंस करवाती है साथ ही बड़ी समस्या आने पर पत्रकारों की निजी कोश से आर्थिक मदद करती है। कई बात पत्रकार की मृत्यु होने पर उनके परिवारों की भी आर्थिक मदद संस्था ने की है। हमारी संस्था द्वारा समय समय पर सरकार के सामने मजबूती से वकालत भी करती है जिस वजह से ही हरियाणा सरकार का ध्यान पत्रकारों की वास्तविक समस्याओं की ओर गया और उसका समाधान भी कई सहूलियत देकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सैनी जी ने किया। कैबिनेट मंत्री अनिल विज द्वारा भी संस्था की हर मौके पर मदद की जाती रही है। उन्होंने कहा आगे भी sanstha की कई योजनाएं है जिससे पत्रकारों को बड़ा लाभ मिलेगा।

"मैं बोलता हूं तो इल्जाम है बगावत का" : कौशल

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे दैनिक ट्रिब्यून के संपादक नरेश कौशल ने कहा कि मीडिया वेलबींग एसोसिएशन अपने नाम के अनुरूप वास्तविक अर्थों में पत्रकारों के कल्याण के कार्य कर रही है। उन्होंने संस्था के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कार्यों ने न केवल पत्रकारिता को सही मायने में सम्मान की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया है बल्कि प्रदेशभर के पत्रकारों के हितों और कल्याण के लिए भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने इस मौके पर शायर बशीर भद्र को श्रद्धांजलि देते हुए उनका एक शेर भी बोला जो कहीं ना कहीं पत्रकारिता के साथ मेल खाता था। उन्होंने कहा "मैं बोलता हूं तो इल्जाम है बगावत का, मैं चुप रहूं तो बड़ी बेबसी होती है, हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ भी चल पड़ेंगे वहीं रास्ता हो जाएगा" 

कल्याण ने कहा:- धरनी मेरे आज के नहीं, बहुत पुराने दोस्त हैं

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित अनेक संगोष्ठियों में एआई को लेकर गंभीर चर्चाएं होती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई जहां युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखता है, वहीं इसके गलत उपयोग से नई चुनौतियां भी खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में जागरूकता और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण हैं।

अपने संबोधन के दौरान हरविंदर कल्याण ने मीडिया वेलबींग एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी के साथ अपने लंबे संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "जिस समय चंद्रशेखर धरनी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा था, उसी दौर में मेरा राजनीतिक सफर भी शुरू हुआ था। वे मेरे सुख-दुख के साथी रहे हैं। आज मैं जिस पद पर हूं, उसमें केवल मेरा संघर्ष ही नहीं बल्कि आप सभी का सहयोग और संघर्ष भी शामिल है।" अपने संबोधन के दौरान हरविंदर कल्याण ने पत्रकारों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए घोषणा की कि वे अपने विधायक निधि (डिस्क्रेशनरी कोटा) से पत्रकार कल्याण के कार्यों हेतु 11 लाख रुपये की राशि देंगे। उनकी इस घोषणा का उपस्थित पत्रकारों और अतिथियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।

कार्यक्रम का समापन पत्रकार एकता, सामाजिक उत्तरदायित्व, तकनीकी जागरूकता और मीडिया कर्मियों के कल्याण के संकल्प के साथ हुआ। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि मीडिया वेलबींग एसोसिएशन भविष्य में भी पत्रकारों के हितों की रक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए इसी प्रकार कार्य करती रहेगी।

लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ, समाज को सही दिशा देने में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : कल्याण

कल्याण ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित अनेक संगोष्ठियों में एआई को लेकर गंभीर चर्चाएं होती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई जहां युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखता है, वहीं इसके गलत उपयोग से नई चुनौतियां भी खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में जागरूकता और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण हैं।

अपने संबोधन के दौरान हरविंदर कल्याण ने मीडिया वेलबींग एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी के साथ अपने लंबे संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "जिस समय चंद्रशेखर धरनी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा था, उसी दौर में मेरा राजनीतिक सफर भी शुरू हुआ था। वे मेरे सुख-दुख के साथी रहे हैं। आज मैं जिस पद पर हूं, उसमें केवल मेरा संघर्ष ही नहीं बल्कि आप सभी का सहयोग और संघर्ष भी शामिल है।"

उन्होंने मीडिया वेलबींग एसोसिएशन की सराहना करते हुए कहा कि संस्था पत्रकारों के हित में सराहनीय कार्य कर रही है और पत्रकारों के कल्याण के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे अनुकरणीय हैं। हरविंदर कल्याण ने कहा कि समय के साथ हर क्षेत्र में बदलाव हुए हैं। संघर्ष का स्वरूप बदल सकता है, लेकिन चुनौतियां कभी समाप्त नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के सभी स्तंभ अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। सभी को अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन सभी संवैधानिक सीमाओं में बंधे हुए हैं। सभी का अंतिम लक्ष्य समाज, देश और जनता की भलाई ही होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश आज विकास और आत्मविश्वास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि जब समाज संवैधानिक मूल्यों से दूर होता है, तभी संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था पर संकट उत्पन्न होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि घटनाओं से अधिक महत्व जागरूकता का है। घटनाएं केवल समाज को आईना दिखाने का कार्य करती हैं, लेकिन स्थायी समाधान जागरूकता और सकारात्मक सोच से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा गरीब और जरूरतमंद वर्ग को सशक्त बनाना रही है, लेकिन इसके साथ-साथ नागरिकों को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है।

पत्रकारों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, "समाज को जागरूक करने का कार्य पत्रकारों से बेहतर कोई नहीं कर सकता। मीडिया लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ है और समाज को सही दिशा देने में उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।" उन्होंने मीडिया वेलबींग एसोसिएशन की सराहना करते हुए कहा कि संस्था पत्रकारों के हित में सराहनीय कार्य कर रही है और पत्रकारों के कल्याण के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे अनुकरणीय हैं।

हरविंदर कल्याण ने कहा कि समय के साथ हर क्षेत्र में बदलाव हुए हैं। संघर्ष का स्वरूप बदल सकता है, लेकिन चुनौतियां कभी समाप्त नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के सभी स्तंभ अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। सभी को अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन सभी संवैधानिक सीमाओं में बंधे हुए हैं। सभी का अंतिम लक्ष्य समाज, देश और जनता की भलाई ही होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश आज विकास और आत्मविश्वास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि जब समाज संवैधानिक मूल्यों से दूर होता है, तभी संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था पर संकट उत्पन्न होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि घटनाओं से अधिक महत्व जागरूकता का है। घटनाएं केवल समाज को आईना दिखाने का कार्य करती हैं, लेकिन स्थायी समाधान जागरूकता और सकारात्मक सोच से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा गरीब और जरूरतमंद वर्ग को सशक्त बनाना रही है, लेकिन इसके साथ-साथ नागरिकों को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है। पत्रकारों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, "समाज को जागरूक करने का कार्य पत्रकारों से बेहतर कोई नहीं कर सकता। मीडिया लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ है और समाज को सही दिशा देने में उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।"

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