Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 16 Jan, 2026 08:02 PM

एशिया के अग्रणी सेल्फ पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म नोशन प्रेस ने नई दिल्ली में आयोजित किए जा रहे विश्व पुस्तक मेला 2026 में रचनात्मकता की नई लहर चलाई है।
गुड़गांव ब्यूरो : एशिया के अग्रणी सेल्फ पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म नोशन प्रेस ने नई दिल्ली में आयोजित किए जा रहे विश्व पुस्तक मेला 2026 में रचनात्मकता की नई लहर चलाई है। प्रेस यहां कहानियों की ताकत और स्वतंत्र प्रकाशन की महत्ता का जश्न मना रहा है। किताबों तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने और उभरते लेखकों को सशक्त करने के मजबूत मिशन के साथ नोशन प्रेस ने प्रकाशन को सभी के लिए आसान पहुंच में लाने वाले टाइटल्स एवं इनोवेशन टूल्स को प्रदर्शित किया है। प्रिंट और ईबुक, दोनों फॉर्मेट में 1,20,000 से ज्यादा किताबों के प्रकाशन को सक्षम बनाते हुए नोशन प्रेस ने हॉल 5 में अपने स्टॉल पर अपने सबसे लोकप्रिय टाइटल्स एवं क्यूरेटेड कामों का कलेक्शन प्रदर्शित किया है। इस शोकेस से विविध आवाजों को निखारने और अलग-अलग पीढ़ियों के बीच पढ़ने की संस्कृति को प्रोत्साहन देने की प्लेटफॉर्म की प्रतिबद्धता झलकती है। बाल साहित्य से लेकर बड़े लोगों को पसंद आने वाले फिक्शन एवं नॉन-फिक्शन तक, इसके डिस्प्ले में ऐसी कहानियां नजर आ रही हैं, जो सभी उम्र और पृष्ठभूमि के पाठकों को पसंद आएंगी।
विश्व पुस्तक मेला को विभिन्न भाषाओं एवं जेनर के बड़े प्रकाशकों की भागीदारी के लिए जाना जाता है। यहां पुस्तक प्रेमियों और खरीदारों का हुजूम उमड़ रहा है। इस जीवंत साहित्यिक माहौल के बीच नोशन प्रेस उभरते लेखकों के लिए किसी प्रेरक स्तंभ की तरह खड़ा है। यहां इसके डीआईवाई पब्लिशिंग टूल्स के प्रयोग के लिए लेखकों का मार्गदर्शन भी किया जा रहा है, जिसकी मदद से लेखक अपने विचारों को प्रकाशित कर सकते हैं और वैश्विक स्तर तक पहुंच सकते हैं। इस साल नोशन प्रेश कहानियों को सही पाठकों से जोड़ने पर विशेष जोर दे रहा है। अपने पर्सनलाइज्ड डिस्कवरी टूल्स और कम्युनिटी ड्रिवेन रिकमेंडेशन के माध्यम से प्लेटफॉर्म का लक्ष्य लेखकों और पाठकों के बीच की दूरी कम करना है। नोशन प्रेस किताबों और पाठकों के बीच एआई-पावर्ड मैचमेकिंग समेत अन्य कई इनोवेशन की दिशा में भी काम कर रहा है।
इस मौके पर नोशन प्रेस के सीईओ एवं सह-संस्थापक श्री नवीन वलसाकुमार ने कहा, ‘हर व्यक्ति के मन में ऐसी कहानियां होती हैं, जिन्हें कहे जाने की दरकार होती है। ऐसी अवधारणाएं होती हैं जो प्रेरित करती हैं, चुनौती देती हैं और जीवन को बदल सकती हैं। नोशन प्रेस में हमारा मिशन है प्रकाशन को लोकतांत्रिक बनाना, उभरते लेखकों को आसान टूल्स प्रदान करना और उनके सपने को साकार करने के लिए उन्हें वैश्विक पहुंच प्रदान करना। आइए साथ मिलकर अनकही कहानियों को सामने लाएं, जिससे ज्यादा कल्पनाशील, सहानुभूतिपूर्ण और पढ़ने के लिए उत्सुक भारत का निर्माण हो।’
आज भी पढ़ना ही सहानुभूति एवं इनोवेशन का सबसे सशक्त माध्यम है। फिर भी बहुत सी कहानियां पाठकों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। नोशन प्रेस जैसे प्लेटफॉर्म इन कहानियों को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। हजारों लेखकों को प्रकाशित करने, प्रमोट करने और अपनी किताब को दुनियाभर में पहुंचाने में सक्षम बनाते हुए नोशन प्रेस लगातार सेल्फ-पब्लिशिंग क्रांति का नेतृत्व कर रहा है। यहां उन्हें टेक्नोलॉजी आधारित सॉल्यूशन मिलते हैं। ‘शेयर स्टोरीज, स्प्रेड आइडियाज, चेंज द वर्ल्ड’ के अपने विजन के साथ यह प्लेटफॉर्म प्रकाशन को ज्यादा समावेशी, सुगम और लेखक-केंद्रित बनाते हुए नए सिरे से परिभाषित कर रहा है।
लेखकों और पाठकों के लिए विश्व पुस्तक मेला को अनूठा अवसर बताते हुए श्री वलसाकुमार कहते हैं, ‘यह लेखकों के लिए इस अभियान से जुड़ने और इस बात को समझने का शानदार प्लेटफॉर्म है कि कैसे अपनी कहानियों को लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। इस साल हमारा फोकस विशेषरूप से किताबों की पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने और उभरते लेखकों को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित करने पर है। विश्व पुस्तक मेला में बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं और देशभर से विविध प्रकार के साहित्य प्रदर्शित किए जा रहे हैं। ऐसे में नोशन प्रेस की भागीदारी सेल्फ-पब्लिशिंग और स्वतंत्र आवाजों को लेकर बढ़ते उत्साह का प्रतीक है। आयोजन में इसकी जीवंत मौजूदगी रचनात्मकता, इनोवेशन और भारत व पूरी दुनिया में प्रकाशन के भविष्य के उत्प्रेरक के रूप में इसकी भूमिका को दर्शाता है।