Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 09 May, 2026 07:50 PM

यह कोई पहली घटना नहीं है, अपितु गुरुग्राम-सोहना एक्सप्रेसवे अब तक छठी बार धंस चुका है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है।
गुड़गांव, ब्यूरो : सुभाष चौक के निकट गुरुग्राम-सोहना एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के धंस जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष व जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि हजारों करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक्सप्रेसवे पर भारी टोल वसूला जाता है, इसके बावजूद सडक़ पर लगभग 10 फीट चौड़ा गड्ढा बन जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और रखरखाव प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह कोई पहली घटना नहीं है, अपितु गुरुग्राम-सोहना एक्सप्रेसवे अब तक छठी बार धंस चुका है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का गड्ढा कितना गहरा है, इसकी तस्वीरें स्वयं बयान कर रही हैं। जनता की मेहनत की कमाई को गुणवत्तापूर्ण विकास के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को 50 प्रतिशत से ज़्यादा राजस्व देने वाले गुरुग्राम में सडक़ों का बुरा हाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय कमीशनखोरी और बंदरबांट को प्राथमिकता दी गई।
परिणामस्वरूप आम जनता को बदहाल सडक़ें, असुरक्षित यात्रा, अधूरे वादे और भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि निर्माण कार्य में शामिल दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। साथ ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त गुणवत्ता मानक लागू किए जाएं।