फर्जी दस्तावेजों से कंपनी का नाम बदलकर करोड़ों का कथित घोटाला, EOW ने दर्ज किया मामला

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 29 Jan, 2026 07:42 PM

eow files case against alleged scam worth crores of rupees for changing company

आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा EOW ने एक बड़े कॉरपोरेट फ्रॉड के आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया है।

गुड़गांव ब्यूरो : आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा EOW ने एक बड़े कॉरपोरेट फ्रॉड के आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया है। इस प्रकरण में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, शेयरों के अवैध लेन-देन और कंपनी पर गैरकानूनी तरीके से नियंत्रण हासिल करने की साजिश के आरोप लगाए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह शिकायत जायन यूनिवर्सल की ओर से उसके पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर सिद्धार्थ शर्मा ने दर्ज कराई है। शिकायत में सदर हिमालयन पैराडाइज़ प्राइवेट लिमिटेड का नाम आरोपी कंपनी के रूप में दर्ज है, जिसने बाद में अपना नाम बदलकर IHHR हॉस्पिटैलिटी (हिमाचल) प्राइवेट लिमिटेड कर लिया। मामले में कंपनी के निदेशकों और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।

 

शिकायत में आरोप है कि सभी आरोपियों ने मिलकर कंपनी के शेयरों को अवैध तरीके से बेचने, जाली दस्तावेज तैयार करने और कंपनी पर नियंत्रण स्थापित करने की योजना बनाई। आरोपों के मुताबिक, इस प्रक्रिया में करोड़ों रुपये की कथित मनी लॉन्ड्रिंग भी हुई। EOW में दर्ज एफआईआर में जिन लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं, उनमें धैर्य चौधरी, सुमंत कपूर, राजेश रोहितभाई मेहता, प्रकाश लाल कपूर, संजीव त्रेहन, ममता पंवार, नवजोत मेहता, अशोक खन्ना, घनश्याम सेठ, मनप्रीत कौर टक्कर और दिलीप चिनुभाई चोकसी समेत अन्य शामिल हैं। एफआईआर के अनुसार, फरवरी 2025 तक कंपनी में 99.98% हिस्सेदारी जायन इंटरनेशनल के पास थी और कंपनी के सभी महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए उसकी मंजूरी आवश्यक थी। इसके बावजूद आरोप है कि अगस्त 2024 से ही कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की साजिश शुरू कर दी गई थी।

 

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दिसंबर 2024 में कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के माध्यम से एक ब्याज-मुक्त ऋण (इंटरेस्ट-फ्री लोन) समझौता तैयार किया गया, जिसे बाद में बिना उचित मंजूरी के इक्विटी में बदलने की योजना बनाई गई। रिकॉर्ड में 3 दिसंबर 2024 और 13 फरवरी 2025 को एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) और बोर्ड मीटिंग आयोजित होने का दावा किया गया है। हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि इन बैठकों में आरोपियों या उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है, जिससे इनके फर्जी होने का संदेह व्यक्त किया गया है। EOW ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े आरोपों के तहत मामले की जांच शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं को देखते हुए इस मामले को आगे की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी सौंपा जा सकता है। फिलहाल EOW दस्तावेजों और शेयर ट्रांजेक्शनों की विस्तृत जांच में जुटी है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय होगी।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!