ब्रेकथ्रू टाइप 1 डायबिटीज़ ने राजकुमारी पद्मजा कुमारी परमार को मैरी टायलर मूर अवॉर्ड से सम्मानित किया

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 20 Mar, 2026 09:06 PM

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ब्रेकथ्रू टाइप 1 डायबिटीज़ के CEO आरोन कोवाल्स्की ने कहा, “मैरी टायलर मूर ने दशकों तक अपनी आवाज़ से दुनिया को टाइप 1 डायबिटीज़ के बारे में जागरूक किया।

गुड़गांव ब्यूरो  : 16 मार्च  को ब्रेकथ्रू  टाइप 1 डायबिटीज़ (पहले JDRF के नाम से जाना जाता था) ने उदयपुर की राजकुमारी पद्मजा कुमारी परमार को प्रतिष्ठित मैरी टायलर मूर अवॉर्ड से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें टाइप 1 डायबिटीज़ (T1D) के प्रति जागरूकता और वैश्विक स्तर पर उनके योगदान के लिए दिया गया। यह अवॉर्ड “ब्रेकथ्रू टाइप 1 डायबिटीज़ ऑन द हिल” कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जिसमें अमेरिका के विभिन्न राज्यों से आए लोग वॉशिंगटन, डी.सी. में एकत्रित हुए और गवर्नमेंट डे पर टाइप 1 डायबिटीज़ से जुड़ी नीतियों और इलाज को बेहतर बनाने पर चर्चा की। मैरी टायलर मूर अवॉर्ड” उन महिलाओं को दिया जाता है, जिन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए साहस और नेतृत्व दिखाया हो। यह अवॉर्ड मशहूर अभिनेत्री और डायबिटीज़ जागरूकता की समर्थक मैरी टायलर मूर के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने अपने जीवन के अनुभव से लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक किया।

 

ब्रेकथ्रू टाइप 1 डायबिटीज़ के CEO आरोन कोवाल्स्की ने कहा, “मैरी टायलर मूर ने दशकों तक अपनी आवाज़ से दुनिया को टाइप 1 डायबिटीज़ के बारे में जागरूक किया। पद्मजा उसी भावना को आगे बढ़ा रही हैं और अपने काम से लोगों की ज़िंदगी बेहतर बना रही हैं। इस सम्मान पर पद्मजा ने कहा,  “यह मेरे लिए गर्व की बात है। मैं इसे अपने दिवंगत पिता को समर्पित करती हूं, जिनकी सीख और विश्वास हमेशा मेरे साथ रहे हैं। मैं यह अवॉर्ड उन सभी लोगों के नाम करती हूं जो टाइप 1 डायबिटीज़ के साथ जी रहे हैं और हर दिन साहस और धैर्य का उदाहरण पेश करते हैं। यह सम्मान दिखाता है कि ब्रेकथ्रू T1D दुनिया भर में टाइप 1 डायबिटीज़ से प्रभावित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और इस बीमारी के इलाज की दिशा में लगातार काम कर रहा है।

 

इस कार्यक्रम में मैरी टायलर मूर के पति डॉ. एस. रॉबर्ट लेविन भी मौजूद थे, जो डायबिटीज़ रिसर्च और जागरूकता के लिए लगातार काम कर रहे हैं। राजकुमारी पद्मजा को पांच साल की उम्र में टाइप 1 डायबिटीज़ हो गया था, जब भारत में इस बीमारी के बारे में जागरूकता और इलाज के साधन बहुत सीमित थे। आज वह ब्रेकथ्रू  टाइप 1 डायबिटीज़ की ग्लोबल एंबेसडर हैं और दुनिया भर में इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने, इलाज की बेहतर सुविधा और मरीजों के समर्थन के लिए काम कर रही हैं। भारत में भी उनके प्रयासों से कई बच्चों और परिवारों को इंसुलिन, जांच उपकरण और जरूरी इलाज तक पहुंच मिली है।

टाइप 1 डायबिटीज़ क्या है?

यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर देता है। इसके कारण मरीज को जीवनभर इंसुलिन लेना पड़ता है और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बना रहता है। दुनिया भर में करीब 95 लाख लोग इससे प्रभावित हैं।

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