UPI: नहीं होंगे आप ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार, बंद होगी यूपीआई की ये सर्विस... जानें डिटेल

Edited By Isha, Updated: 16 Aug, 2025 03:30 PM

you will not be a victim of online fraud

बढ़ रही धोखाधड़ी को रोकने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (यूपीआई) ने एक अक्टूबर से ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ सर्विस बंद करने का निर्णय लिया है। यूपीआई के इस फैसले से पीयर-टू-पीयर ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ फीचर को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

डेस्क: बढ़ रही धोखाधड़ी को रोकने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (यूपीआई) ने एक अक्टूबर से ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ सर्विस बंद करने का निर्णय लिया है। यूपीआई के इस फैसले से पीयर-टू-पीयर ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ फीचर को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस फैसले का मकसद डिजिटल लेनदेन को और सुरक्षित बनाना और बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाना है।

 यह सुविधा किसी भी यूजर को दूसरे यूपीआई यूजर से पैसे का अनुरोध भेजने की अनुमति देती है। जैसे ही सामने वाला व्यक्ति रिक्वेस्ट स्वीकार करता है और अपना यूपीआई पिन डालता है, रकम ट्रांसफर हो जाती है। हालांकि, समय के साथ यह फीचर स्कैमर्स का पसंदीदा हथियार बन गया।

धोखेबाज नकली रिक्वेस्ट भेजकर लोगों को ठगने लगे, जिससे वित्तीय नुकसान के कई मामले सामने आए। यूपीआई ने साफ किया है कि यह रोक सिर्फ पीयर-टू-पीयर कलेक्ट रिक्वेस्ट पर लागू होगी। मर्चेंट्स 1 अक्टूबर के बाद भी इस सुविधा का इस्तेमाल कर पाएंगे। हालांकि, व्यापारियों के लिए केवाईसी नियमों को सख्त करने की योजना है, ताकि धोखाधड़ी और कम की जा सके।

फिलहाल, कोई भी यूपीआई यूजर एक ट्रांजैक्शन में अधिकतम 2,000 रुपये तक की कलेक्ट रिक्वेस्ट भेज सकता है। लेकिन एनपीसीआई के नए निर्देश के बाद सदस्य बैंक और यूपीआई एप्स इस तरह के पुल ट्रांजैक्शन को प्रोसेस नहीं कर पाएंगे।

 एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बदलाव से बहुत ज्यादा परेशानी नहीं होगी, क्योंकि यूपीआई के कुल लेनदेन में पुल ट्रांजैक्शन का हिस्सा मात्र 3% है। यह कदम डिजिटल पेमेंट सिस्टम की सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल है।

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