Edited By Manisha rana, Updated: 10 Feb, 2026 02:00 PM

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को कहा कि केंद्र जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन के तहत राजधानी में वंचित लोगों के लिए बनाए गए लगभग 48,000 फ्लैटों को अलॉट न करने की जांच के सुझावों पर विचार करेगा।
डेस्क : केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को कहा कि केंद्र जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन के तहत राजधानी में वंचित लोगों के लिए बनाए गए लगभग 48,000 फ्लैटों को अलॉट न करने की जांच के सुझावों पर विचार करेगा।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सप्लीमेंट्री सवाल का जवाब देते हुए, उन्होंने कहा कि ये फ्लैट 2012 में JNNURM स्कीम के तहत केंद्र और राज्य सरकारों दोनों के सपोर्ट से बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि वह "हैरान" हैं कि ये घर आम आदमी पार्टी (AAP) के तहत तत्कालीन दिल्ली सरकार ने गरीबों को अलॉट नहीं किए। वहीं बाकी फ्लैटों, लगभग 48,000 यूनिट्स की हालत और खराब हो गई है और कुछ तो रहने लायक भी नहीं हैं।
मालीवाल ने दावा किया कि कुल 52,344 फ्लैट में से केवल 4,871 फ्लैट गरीबों को आवंटित किए गए। मालीवाल ने दिल्ली की उस समय की AAP सरकार पर वोट बैंक की राजनीति की वजह से ये फ्लैट नहीं देने का आरोप लगाया, क्योंकि वह क्रेडिट लेना चाहती थी। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या वह दोषियों को सज़ा देने के लिए जांच शुरू करेगी और इन फ्लैटों की मरम्मत का भी प्लान बनाएगी। इस पर मनोहर लाल ने कहा कि हम इस सुझाव पर विचार करेंगे कि दोषियों को सज़ा मिले। BJP के नेतृत्व वाली मौजूदा दिल्ली सरकार इन घरों की मरम्मत के लिए आगे आई है ताकि उन्हें झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीबों को दिया जा सके। जो घर रहने लायक नहीं हैं, उनकी जांच की जाएगी।