Edited By Isha, Updated: 02 Sep, 2026 11:33 AM

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कुश्ती खिलाड़ी विनेश फोगाट की उस याचिका पर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) से जवाब मांगा, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ जारी स्पष्टीकरण नोटिस और अनुशासनात्मक
डेस्क: दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कुश्ती खिलाड़ी विनेश फोगाट की उस याचिका पर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) से जवाब मांगा, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ जारी स्पष्टीकरण नोटिस और अनुशासनात्मक कार्रवाई को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने मामले में औपचारिक नोटिस जारी करने से इन्कार करते हुए डब्ल्यूएफआई के वकील को निर्देश लेने के लिए कहा है। मामले की अगली त सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
विनेश ने याचिका में कहा है कि उन्हें नौ मई और 17 जून को जारी किए गए दोनों कारण बताओ नोटिस मनमाने, दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का हिस्सा हैं। इससे मातृत्व के बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में उनकी वापसी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) ने एक जनवरी 2026 से उन्हें प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी थी, इसके बावजूद डब्ल्यूएफआई ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।
याचिका में विनेश ने कहा कि कारण बताओ नोटिस और उसके बाद की कार्यवाही उनकी उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं में वापसी में लगातार बाधा डाल रही है। इससे आगामी प्रतियोगिताओं में उनकी पात्रता, नामांकन और भागीदारी भी प्रभावित हो सकती है।