पानीपत में दो मासूमों के साथ हादसा, फैक्ट्री में 500 किलो धागे के 2 बंडलों के नीचे दबकर मौत; गम में डूबा परिवार

Edited By Harman, Updated: 25 Jun, 2026 02:53 PM

two girls die after being crushed under bundles of thread in panipat

हरियाणा के पानीपत में एक धागा फैक्ट्री में गुरुवार सुबह दो बच्चियों की धागे के भारी-भरकम बंडल के नीचे दबने से मौत हो गई। तीन बच्चियां अपनी मां के साथ फैक्ट्री में आई थीं।

पानीपत ( सचिन शर्मा ) : हरियाणा के पानीपत में एक धागा फैक्ट्री में गुरुवार सुबह दो बच्चियों की धागे के भारी-भरकम बंडल के नीचे दबने से मौत हो गई। तीन बच्चियां अपनी मां के साथ फैक्ट्री में आई थीं। खेलते-खेलते रैक हिला और 500 किलो के 2 बंडल उनके ऊपर गिर गए। हादसे में दो बच्चियों की दम घुटने और चोट लगने के कारण मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्ची गंभीर रूप से घायल है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृत बच्चियों के माता-पिता इसी गोदाम में मजदूरी का काम करते हैं।

जानकारी के अनुसार, भैंसवाल रोड पर स्थित खड़ंजा रोड के पास श्री लक्ष्मी फैक्ट्री में हादसा हुआ। गोदाम में रोजाना की तरह मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान मां के साथ फैक्ट्री में आई तीन बच्चियां खेल रही थीं और हादसे का शिकार हो गईं। मृतक बच्चियों की पहचान साढ़े 4 वर्षीय प्रयगा और ढाई वर्षीय सोनम के रूप में हुई है। वहीं हादसे में घायल तीसरी बच्ची की पहचान रोशनी (5) के रूप में हुई। तीनों बच्चियां जब आपस में खेल रही थीं, तभी ऊपर सटकर रखी गईं 500 किलोग्राम की धागे की दो बड़ी गांठें अचानक उनके ऊपर भरभरा कर गिर गईं और तीनों उसके नीचे दब गईं।

हादसा होते ही गोदाम में चीख-पुकार मच गई। वहां काम कर रहे परिजनों और अन्य मजदूरों ने आनन-फानन में भारी गांठों को हटाकर तीनों बच्चियों को बाहर निकाला और तुरंत पानीपत के सिविल अस्पताल लेकर दौड़े। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद साढ़े 4 साल की प्रयगा और ढाई साल की सोनम को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, भारी वजन के नीचे दबने से बच्चियों का दम घुट गया था। वहीं, तीसरी बच्ची रोशनी (5 वर्ष) की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कर लिया, जहां उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इस हादसे के बाद पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसर गया है।

प्रयगा की मां मूर्ति ने बताया कि उन्होंने इसी साल अपनी बेटी का नर्सरी में एडमिशन करवाया था। उसके घर में कोई नहीं था, इसी कारण वो बच्चियों को अपने साथ फैक्ट्री ले आई थी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!