निगमायुक्त की डीपी यूज कर मांगे गिफ्ट कार्ड

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 12 Jun, 2022 03:15 PM

trying to cheat ce on the name of mcg comissioner in gurgaon

साइबर क्राइम के तहत जालसाज अब बड़े अधिकारियों की डीपी का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसमें नंबर अधिकारी का नहीं होगा, लेकिन डीपी में अधिकारी का फोटो होगा। इसमें जालसाज व्हॉटस पर मैसेज कर अमेजन या गूगल प्ले का गिफ्ट वाउचर की डिमांड करते हैं।

गुड़गांव, (ब्यूरो): साइबर क्राइम के तहत जालसाज अब बड़े अधिकारियों की डीपी का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसमें नंबर अधिकारी का नहीं होगा, लेकिन डीपी में अधिकारी का फोटो होगा। इसमें जालसाज व्हॉटस पर मैसेज कर अमेजन या गूगल प्ले का गिफ्ट वाउचर की डिमांड करते हैं। ऐसा ही वाकया गुड़गांव के नगर निगम में सामने आया।

 

जालसाज ने निगम कमिश्नर की डीपी यूज कर निगम के कार्यकारी अभियंता से एक लाख के गिफ्ट वाउचर मांगे। यहीं नहीं निगम के अन्य छह कर्मियों के पास भी इस तरह से गिफ्ट वाउचर मांगे गए। कार्यकारी की अभियंता की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। इस पर कार्यकारी अभियंता ने शाम तक का वक्त मांगा। संदेह होने पर अभियंता ने निगम कमिश्नर के पीए से बात की तो पता चला कि यह नंबर निगम कमिश्नर का नहीं है। इस पर उन्होंने निगम कमिश्नर को इस बारे में सूचना देते हुए साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी। साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने बताया कि नंबर को ट्रैक किया गया है। यह नंबर दिहाड़ीदार मजदूर के नाम पर है। मामले की जांच की जा रही है। 

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यूपी व चंडीगढ़ में अधिकारियों को कर रहे टारगेट:
साइबर पुलिस स्टेशन के एसएचओ बिजेंद्र सिंह ने बताया कि इस तरह की जालसाजी यूपी और चंडीगढ़ में सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए अपनाई जा रही है। ऐसे ज्यादातर मामलों में, गिरोह सीधे बैंक ट्रांसफर के लिए नहीं कहते। इसके बजाय, वे पहले बातचीत करते हैं और फिर अमेज़ॅन या गूगल प्ले का गिफ्ट वाउचर मांगते हैं।

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