हरियाणा की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा: विज

Edited By Isha, Updated: 22 May, 2022 03:43 PM

those playing with the health of the people of haryana will not be spared vij

हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अनिल विज, जिनके पास खाद्य एवम औषधि प्रशासन का भी प्रभार है, ने कहा कि खाद्य एवम औषधि प्रशासन विभाग द्वारा अवैध कार्यों में संलिप्त रक्त केंद्रों के खिलाफ चलाई जा रही

चंडीगढ़(चंद्र शेखर धरणी):  हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अनिल विज, जिनके पास खाद्य एवम औषधि प्रशासन का भी प्रभार है, ने कहा कि खाद्य एवम औषधि प्रशासन विभाग द्वारा अवैध कार्यों में संलिप्त रक्त केंद्रों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत गत दिनों कैथल में छापा मारा गया और विभिन्न उल्लंघनयों के तहत दस्तावेजों को जब्त किया गया और ब्लड सेंटर को आगामी कार्य करने से रोकने के लिए निर्देश जारी किए गए।

इस संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि गत दिवस एक गुप्त सूचना के आधार पर शाह कृषण सेवा धाम ब्लड सेंटर, कैथल पर हरियाणा एफडीए और केंद्र सरकार की संयुक्त टीम ने छापा मारा। टीम का नेतृत्व रिपन मेहता, एसडीसीओ ने किया जिसमें सारिका मलिक एसडीसीओ, अमन डीसीओ मेवात एवं संदीप वर्मा डीआई भारत सरकार शामिल रहे।

उन्होंने बताया कि शिकायत के अनुसार ब्लड सेंटर बिना अनुमति के रक्तदान शिविर का आयोजन कर रहा था तथा इसमें मेडिकल अधिकारी तथा अन्य तकनीकी स्टाफ भी मौजूद नहीं होते थे। जांच के दौरान पाया गया कि ब्लड सेंटर ने पिछले 6 महीनों में बिना अनुमति के कई शिविर लगाए हैं और औषधि नियमों तथा डीजीएचएस की दिशा निर्देशों की भी उल्लघनाए की गई है। उन्होंने बताया कि गत 30 मई को कैंप के दौरान 90 रक्त यूनिट्स एकत्रित किए गए जिसमें पर्याप्त स्टाफ भी मौजूद नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि जांच में पाया गया कि तयशुदा दरो से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फ्रेश फ्रोजन प्लाजमा की सरकार द्वारा 400 रुपए प्रति यूनिट दर तय है जबकि ब्लड सेंटर 550  से 650 रुपए प्रति यूनिट तक अधिक रुपए वसूल कर रहा था जोकि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत गंभीर गैर-जमानती अपराध है।

उन्होंने बताया कि मरीजों के इस्तेमाल में ना हो सकने वाले प्लाज्मा को दवा कंपनियों को जीवन रक्षक दवाओं जैसा कि एल्बुमिनस हीमोग्लोबूलाइंस इत्यादि के उत्पादन हेतु देने का प्रावधान है जिसकी दरें हरियाणा सरकार द्वारा 1600 रुपए प्रति लीटर तय की गई हैं जिसे भी 2900 रुपए प्रति लीटर बेचा गया और ये प्लाज्मा  इंतस फार्मासिटीकल तथा virchew जैसी नामी कंपनियों ने खरीदा है।  सभी दस्तावेज टीम ने सबूत के तौर पर जब्त कर लिए हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 4 दर्जन अन्य गंभीर उल्लंघनाएं जैसा की मेडिकल ऑफिसर की गैरमौजूदगी में रक्त अवयव (ब्लड कॉम्पोनेंट्स) बनाना, स्टेट ड्रग कंट्रोलर को शिविर लगाने के लिए सूचित ना करना, स्टेरिलिटी टेस्ट को ना करना, रिकॉर्ड के बिना कार्य करना इत्यादि पाई गई हैं।

उन्होंने बताया कि गंभीर उल्लंघनयों के चलते टीम ने ब्लड सेंटर के कार्य को जारी ना रखने के निर्देश देते हुए स्टॉक में पड़े रक्त यूनिट्स एवं रक्त अवयव अन्य अधिकृत ब्लड सेंटर में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं। ब्लड सेंटर एवं संचालकों के खिलाफ थाना सिविल लाइन कैथल में एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि शायद ऐसा मामला पूरे देश में पहली बार आया है और इससे पूर्व प्लाज्मा की ओवर चार्जिंग, राष्ट्रीय रक्तदान नीति/ हरियाणा ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल की गाइडलाइंस  की उल्लंघना का मामला किसी ने भी उजागर नहीं किया।

उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री को शिकायतें प्राप्त हो रहीं थीं की खून और प्लाज्मा को तय दामों से अधिक पर बेचा जा रहा है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने हरियाणा के सभी ब्लड सैंटर की गहनता से जांच के आदेश दिए थे। अनिल विज ने बताया कि हरियाणा सरकार ने नशे में दुरुपयोग होने वाली दवाइयों, अवैध रूप से एमटीपी किट बेचने वालों, नर्सिंग होम्स में अवैध दुकानों और अवैध कार्यों में लिप्त रक्त केंद्रों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। उन्होंने बताया कि हरियाणा की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बक्शा नहीं  जाएगा।
प्रस्तुति-चन्द्र शेखर धरणी
 

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