भाजपा कार्यकर्ताओं का बड़ा आरोप, कहा- 7 करोड़ में बेची गई झज्जर की टिकट

Edited By Shivam, Updated: 02 Oct, 2019 10:26 AM

there was an uproar in bjp accused of selling tickets for seven crores

भारतीय जनता पार्टी द्वारा टिकटों का ऐलान किए जाने के बाद से प्रदेश में विद्रोह की स्थिति पैदा हो गई है। टिकटों की घोषण के बाद टिकट पाने की लाईन में लगे दावेदारों का विरोध शुरू हो जाएगा।

झज्जर(प्रवीण धनखड़): भारतीय जनता पार्टी द्वारा टिकटों का ऐलान किए जाने के बाद से प्रदेश में विद्रोह की स्थिति पैदा हो गई है। टिकटों की घोषण के बाद टिकट पाने की लाईन में लगे दावेदारों का विरोध शुरू हो जाएगा। मंगलवार को ठीक वैसा ही हुआ। टिकट न मिलने से नाराज झ’जर के कुछ भाजपाई दावेदारों के समर्थकों ने सड़कोंं पर उतर कर अपना विरोध जताना शुरू कर दिया। 

टिकट की चाह में बेशक दावेदार अलग-अलग प्लेटफार्म पर नजर आते हो, लेकिन जब घोषित सीटों में उनका नाम गायब मिला तो वंचित दावेदार एक प्लेटफार्म पर नजर आए। वह खुद तो प्रदर्शन के इस प्लेटफार्म पर दूर नजर आए, लेकिन उन्होंने समर्थकों को एक प्लेटफार्म पर इकट्ठा कर विरोध जताने के लिए भेज दिया। 

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मंगलवार को हरियाणा महिला विकास निगम की चेयरमैन सुनीता धनखड़, पूर्व मंत्री कांता देवी व झ’जर जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष महेश कुमार के समर्थकों ने सड़कों पर उतर कर अपना विरोध जताया। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि झ’जर हलके की भाजपा टिकट का सौदा पैसों में किया गया है और इसके लिए भाजपा के हरियाणा प्रभारी अनिल जैन विशेष रूप से जिम्मेवार है। 

भाजपाईयों ने प्रभारी अनिल जैन पर सात करोड़ रूपये में झ’जर हलके की भाजपा की टिकट बेचे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झ’जर हलके पर पार्टी ने बाहरी उम्मीदवारको थोपा है। जोकि न्याय संगत नहीं है। इतना ही नहीं प्रदर्शन करने वाले विभिन्न नेताओं के इन समर्थकों ने पार्टी हाईकमान को अल्टीमेटम भी दिया कि यदि एक दिन के भीतर टिकट बदलकर किसी स्थानीय भाजपाई को टिकट नहीं दी गई तो उनका विरोध जारी रहेगा और इसका खामियाजा पार्टी को इसी विस चुनाव में भुगतना पड़ेगा।   

वहीं अनिल शर्मा भाजपा जिला महामंत्री झ’जर ने कहा कि भाजपा संगठन में व्यक्ति बड़ा नहीं होता पार्टी बड़ी होती है। झ’जर में पार्टी द्वारा टिकट बेचे जाने का आरोप बेबुनियाद है। भाजपा का उम्मीद्वार कोई व्यक्ति विशेष न होकर केवल कमल का फूल ही उम्मीद्वार है। सभी को चाहिए कि संगठन के फैसले पर अपनी मुहर लगाए 

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