रेणुका बांध परियोजना पर लगी मोहर

Edited By Deepak Paul, Updated: 12 Jan, 2019 10:47 AM

stamp on renuka dam project

रेणुका बांध बहुउद्देशीय परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 6 राज्यों के बीच दिल्ली में समझौता हुआ। इस समझौते पर हिमाचल समेत हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने हस्ताक्षर किए।इस मौके पर केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास...

चंडीगढ़(एजैंसियां): रेणुका बांध बहुउद्देशीय परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 6 राज्यों के बीच दिल्ली में समझौता हुआ। इस समझौते पर हिमाचल समेत हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने हस्ताक्षर किए।इस मौके पर केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे। रेणुका बांध बहुउद्देशीय परियोजना 6 राज्यों में आने वाली पेयजल समस्याओं को पूरा करने के लिए तैयार की गई है। रेणुका बांध बनने से 6 राज्यों में पेयजल समस्याओं का काफी हद तक निपटारा होगा।

इस बांध को 2 अन्य सहायक नदियों टोंस और गिरि के साथ तीन-तरफा परियोजना के रूप में अनुमानित किया गया है। इसमें उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।इस परियोजना का सुझाव साल 2008 में दिया गया था। रेणुका बांध से बिजली उत्पादन की 90 फीसदी लागत केन्द्र सरकार उठाएगी और मात्र 10 फीसदी लागत प्रदेश सरकारें उठाएंगी। इस परियोजना के बन जाने से हिमाचल को काफी लाभ होगा, साथ ही दिल्ली सहित अन्य राज्यों को पेयजल भी उपलब्ध हो सकेगा।

गिरि नदी पर होगा भंडारण 
रेणुका बांध का निर्माण हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में गिरि नदी पर एक भंडारण परियोजना के रूप में किया जाएगा। परियोजना के तहत दिल्ली और अन्य बेसिन राज्यों को 23 क्यूबिक मीटर प्रति सैकेंड पानी की आपूॢत के लिए 148 मीटर ऊंचे पत्थरों से भरे इस बांध का निर्माण होगा।
पीक फ्लो के  दौरान  प्रोजैक्ट 40  मैगावाट  बिजली  भी  पैदा करेगाा। बांध के निर्माण के बाद गिरि नदी का प्रवाह लगभग 110 प्रतिशत बढ़ जाएगा जो दिल्ली और अन्य बेसिन राज्यों की पेयजल जरूरतों को पूरा करेगा।

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