Edited By Isha, Updated: 16 Oct, 2026 04:09 PM
हरियाणा की सिंचाई एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि साफ-सुथरे और पारदर्शी लोकतंत्र के लिए मतदाता सूचियों का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है
चंडीगढ़( चंद्र शेखर धरणी): हरियाणा की सिंचाई एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि साफ-सुथरे और पारदर्शी लोकतंत्र के लिए मतदाता सूचियों का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि टेलीविजन पर जिस तरह आमजन और मीडिया कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और कोहनियां मारने की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं, उन्हें देखकर हैरानी होती है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप आचरण की अपेक्षा की जाती है।
श्रुति चौधरी ने कहा कि SIR कोई नई चुनावी प्रक्रिया नहीं है। मतदाता सूचियों को व्यवस्थित करने और उनमें मौजूद त्रुटियों को दूर करने के लिए समय-समय पर पुनरीक्षण किया जाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में भी ऐसी प्रक्रियाएं अपनाई गई थीं। ऐसे में इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने से पहले उसके उद्देश्य और जरूरत को समझना चाहिए।
गांव से शहर तक बदले पते, इसलिए जरूरी है पुनरीक्षण
मंत्री ने कहा कि समय के साथ लोगों के रहने के स्थान बदलते रहते हैं। कई लोग गांव छोड़कर शहरों में बस जाते हैं, लेकिन उनकी पुरानी मतदाता प्रविष्टि रिकॉर्ड में बनी रह सकती है। इसी तरह किसी मतदाता की मृत्यु होने या अन्य कारणों से विवरण बदलने पर मतदाता सूची को अपडेट करना जरूरी हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में SIR जैसी प्रक्रिया मतदाता सूची को व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि नागरिक की पहचान और उसका मतदान का अधिकार लोकतंत्र के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए मतदाता सूची में सही और अद्यतन जानकारी होना जरूरी है। उनके मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मतदाता सूची की जांच और संशोधन निर्धारित नियमों के तहत होना चाहिए।
BLA की भागीदारी का हवाला, कांग्रेस के विरोध पर सवाल
श्रुति चौधरी ने कहा कि SIR प्रक्रिया में विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी भागीदारी कर रहे हैं। घर-घर जाकर जानकारी की जांच करने की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी आपत्तियां तथ्यों के आधार पर रखनी चाहिए। यदि किसी प्रविष्टि या नाम को लेकर कोई समस्या है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत उठाया जा सकता है।
उन्होंने कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर असहमति जताना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें प्रक्रिया में किस बात पर आपत्ति है और उसके समर्थन में क्या तथ्य हैं।
राहुल गांधी के रवैये पर जताई हैरानी
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि टीवी पर दिखाई देने वाली तस्वीरों में आम लोगों और मीडिया से जुड़े व्यक्तियों के साथ कथित धक्का-मुक्की का दृश्य चिंताजनक है। उन्होंने राहुल गांधी के रवैये पर हैरानी जताते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद जिम्मेदारी और संयम की अपेक्षा करता है।
श्रुति चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति के लिए पर्याप्त स्थान है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों के दौरान मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने मीडिया कर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पत्रकारों को अपना काम करने के लिए उचित माहौल मिलना चाहिए।
‘संस्थाओं पर सवाल खड़े होंगे तो बचेगा कौन’
मंत्री ने कहा कि देश की संवैधानिक और चुनावी संस्थाओं पर सवाल खड़े करने से पहले तथ्यों को सामने रखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राजनीतिक दल लगातार संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर अविश्वास जताएंगे, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसा कैसे कायम रहेगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल राजनीतिक विरोध का नाम नहीं है, बल्कि इसमें जिम्मेदारी, पारदर्शिता और तथ्यों पर आधारित संवाद भी जरूरी है। चुनावी प्रक्रिया में किसी तरह की कमी नजर आती है तो उसे उचित मंच पर उठाया जाना चाहिए, न कि भ्रम की स्थिति पैदा की जानी चाहिए।
श्रुति चौधरी ने दोहराया कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण निष्पक्ष और व्यवस्थित चुनावी प्रक्रिया के लिए अहम है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के विरोध पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए राजनीतिक दलों को तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए और संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना चाहिए।