गिरे पेड़, बिजली गुल, मकान धाराशायी...हरियाणा के इस गांव में तूफान ने मचाई भारी तबाही

Edited By Harman, Updated: 23 May, 2026 06:21 PM

severe storm wreaks havoc in pathkhori village nuh

नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे अचानक आए तेज तूफान और आंधी ने गांव पाठखोरी में भारी तबाही मचा दी। कुछ ही मिनटों में तेज हवाओं ने लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी। गांव में कई मकानों, दीवारों और बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान...

नूंह ( अनिल मोहनिया) : नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे अचानक आए तेज तूफान और आंधी ने गांव पाठखोरी में भारी तबाही मचा दी। कुछ ही मिनटों में तेज हवाओं ने लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी। गांव में कई मकानों, दीवारों और बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। तूफान के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

PunjabKesari

सबसे ज्यादा नुकसान गांव पाठखोरी निवासी आजाद पुत्र इल्यास के घर को हुआ। तेज हवाओं की मार से उनका मकान धराशायी हो गया। घर की दीवारें गिरने से अंदर रखा घरेलू सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बेड, कूलर, फ्रिज, वाशिंग मशीन, दरवाजे और अन्य जरूरी सामान मलबे में दब गए। दीवार गिरने से टीन शेड भी टूटकर बिखर गया, जिससे परिवार को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।  गनीमत यह रही कि हादसे के समय आजाद अपने परिवार के साथ किसी शादी समारोह में गए हुए थे। यदि परिवार घर में मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद गांव के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाने में जुट गए। पीड़ित परिवार पर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा!

PunjabKesari

वहीं शेर अली बास निवासी शहीद पुत्र सफेदा की चारदीवारी भी तूफान की चपेट में आकर धराशायी हो गई। अचानक दीवार गिरने से आसपास के लोग दहशत में आ गए। ग्रामीणों का कहना है कि तूफान इतना भयावह था कि कई लोगों ने वर्षों बाद ऐसा मंजर देखा।

तूफान का असर सिर्फ मकानों तक सीमित नहीं रहा। पाठखोरी से रावली को जोड़ने वाली सड़क पर कई बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गए, जिससे रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । इसके अलावा शेर अली बास (पाठखोरी) जाने वाली बिजली लाइन भी जमीन पर गिर गई। ग्रामीणों के अनुसार करीब 6 से 7 बिजली के खंभे टूटकर गिर गए हैं, जिससे पूरे बास की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए और बिजली तथा सड़क व्यवस्था को जल्द बहाल किया जाए। गांव में फैली तबाही ने प्रशासन की आपदा तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल ग्रामीण खुद ही एक-दूसरे की मदद में जुटे हुए हैं।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!