Edited By Krishan Rana, Updated: 27 Feb, 2026 08:24 PM

हरियाणा विधानसभा में शुक्रवार को वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा विधानसभा में शुक्रवार को वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान हंगामा हो गया। दोपहर में लंच के बाद की कार्यवाही के दौरान इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुस्लिम लीग के विरोध के कारण 1937 में नेहरू ने नेताजी को पत्र लिखा कि यह मुस्लिमों की भावनाओं के खिलाफ है।
लीग के विरोध के कारण 1937 में जिन्ना ने इसका विरोध किया। फिर कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष ने वंदे मातरम् की जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मुस्लिम लीग के विरोध के कारण 1937 में नेहरू ने नेताजी को पत्र लिखा कि यह मुस्लिमों की भावनाओं के खिलाफ है। नेहरू ने लिखा कि मैंने वंदे मातरम् गीत का बैकग्राउंड पढ़ा है, और इससे मुस्लिम भड़क जाएंगे। यह किस प्रकार का कांग्रेस का चेहरा था। कांग्रेस का बयान 1937 में आया कि कलकत्ता में कांग्रेस की बैठक होगी।
इस कार्यसमिति में वंदे मातरम् के उपयोग की समीक्षा होगी, यह बात कही गई। पूरा देश हैरान था, और इसका विरोध हुआ। प्रभातफेरियां निकाली गईं। कांग्रेस ने वंदे मातरम् पर समझौता कर लिया और इसके टुकड़े कर लिए। कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए। यही वह क्षण था, जब एक राष्ट्रगीत की सम्मान भावना को संदेह के घेरे में डाल दिया गया।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन में हंगामा हो गया और कांग्रेस विधायक भड़क गए। स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने विधायकों को शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इस पर नायब सैनी ने कहा कि ये सवाल करते हैं। जब इन्हें जवाब देते हैं तो ये वॉकआउट कर देते हैं। कुछ देर बाद कांग्रेस विधायक सदन में वापस आ गए।
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