रॉकी मित्तल ने पुलिस अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, बोले- पुलिस ने नॉन-बेलेबल धाराएं लगा जेल में डाला; अब मुकर गई

Edited By Manisha rana, Updated: 25 Feb, 2026 11:52 AM

rocky mittal made serious allegations against police officers

हरियाणा के चर्चित गायक रॉकी मित्तल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका कोई गीत नहीं, बल्कि वर्ष 2015 के एक पुराने मामले को लेकर उठाया गया बड़ा सवाल है।

कैथल (जयपाल रसूलपुर) : हरियाणा के चर्चित गायक रॉकी मित्तल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका कोई गीत नहीं, बल्कि वर्ष 2015 के एक पुराने मामले को लेकर उठाया गया बड़ा सवाल है। रॉकी मित्तल ने जिले के दो तत्कालीन डीएसपी और वर्तमान में पूंडरी थाना प्रभारी पर बिना ठोस आधार के 21 दिन तक जेल में रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में कैथल की एसपी उपासना को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

आरटीआई में खुला राज

रॉकी मित्तल ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि वर्ष 2015 में उन पर एक जज की गाड़ी रोकने और कथित हाथापाई करने का आरोप लगाया गया था। शहर थाना पुलिस ने तत्काल केस दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की गंभीर और गैर-जमानती धाराएं जोड़ दीं, जिसके चलते उन्हें 21 दिन तक जेल में रहना पड़ा। रॉकी का कहना है कि बाद में उनके वकील द्वारा दायर आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी गई, जिसमें सामने आया कि जिस जज को ऑन ड्यूटी बताया गया था, वे उस दिन अवकाश पर थे। इस खुलासे के बाद पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए।

मेरे 21 दिन कौन लौटाएगा?

रॉकी मित्तल ने कहा कि उस समय शहर थाना में एसएचओ शिवकुमार तैनात थे, जो वर्तमान में पूंडरी में एसएचओ के पद पर कार्यरत हैं। न्यायालय में बयान के दौरान यह स्वीकार किया गया कि उन पर लगाई गई गैर-जमानती धाराएं उचित नहीं थीं। गायक ने अपनी शिकायत में मांग की है कि जिन धाराओं के आधार पर उन्हें 21 दिन जेल में रखा गया, उनकी जवाबदेही तय की जाए और संबंधित अधिकारियों—तत्कालीन डीएसपी दिलीप सिंह, कुलवंत सिंह तथा एसएचओ शिवकुमार—के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने भावुक लहजे में कहा, “यदि धाराएं गलत थीं तो मेरे 21 दिन कौन लौटाएगा?”


एसपी ने कहा—तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

एसपी उपासना ने पुष्टि की कि रॉकी मित्तल की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या था 2015 का मामला?

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में नई अनाज मंडी में आढ़ती मुनीष मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कई दिनों तक आरोपी की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित रॉकी मित्तल ने अपने समर्थकों के साथ जींद रोड पर जाम लगा दिया था। इसी दौरान एक जज की गाड़ी मौके पर पहुंची, जिसे रोकने और कथित रूप से हाथापाई करने का आरोप रॉकी पर लगा। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गैर-जमानती धाराओं के तहत उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि बाद में जांच में सामने आया कि संबंधित जज उस दिन ड्यूटी पर नहीं थे, जिसके आधार पर गैर-जमानती धाराएं हटा दी गईं।

पुलिस का पक्ष

वर्तमान पूंडरी एसएचओ शिवकुमार ने कहा कि उस समय प्रथम दृष्टया तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई थी। बाद की जांच में जब स्पष्ट हुआ कि जज अवकाश पर थे, तो उसी अनुसार धाराओं में संशोधन किया गया। अब यह मामला फिर चर्चा में है। देखना होगा कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और क्या रॉकी मित्तल को न्याय मिल पाता है या नहीं।

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