Edited By Isha, Updated: 12 Nov, 2025 10:04 AM

एडिशनल सेशन कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. हिमांशु सिंह की कोर्ट ने राज्य बनाम सुधीर परमार एवं अन्य मामले में चार आरोपियों पूर्व सीबीआई जज सुधीर परमार, अजय सिंह उर्फ अजय परमार, रूप बंसल और ललित को नियमित जमानत दे दी।
पंचकूला :एडिशनल सेशन कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. हिमांशु सिंह की कोर्ट ने राज्य बनाम सुधीर परमार एवं अन्य मामले में चार आरोपियों पूर्व सीबीआई जज सुधीर परमार, अजय सिंह उर्फ अजय परमार, रूप बंसल और ललित को नियमित जमानत दे दी।
कोर्ट ने आदेश में कहा कि जांच के दौरान सभी आरोपियों ने एजेंसी का पूरा सहयोग किया और पुलिस को उनकी गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं महसूस हुई। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असफल रहा कि आरोपियों की पुलिस कस्टडी जरूरी है। बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए पहले दी गई अंतरिम जमानत को नियमित जमानत में बदलवाया।
प्रत्येक आरोपी पर पहले से जमा 50 हजार रुपये का जुर्माना बरकरार रखा गया। मामले के पांचवें आरोपी अनिल भल्ला अदालत में पेश नहीं हुए। उन्हें 2 दिसंबर 2025 को फिर से तलब किया गया है।
सुधीर परमार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार नवंबर 2021 में पंचकूला में सीबीआई और ईडी कोर्ट का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कथित रूप से एमएम, आईरियो और वाटिका ग्रुप कंपनियों को न्यायिक राहत देने के बदले अपने और परिवार के नाम पर 7-8 करोड़ रुपये की संपत्तियां बनाई। विजिलेंस जांच में सामने आया कि परमार ने अपने भतीजे अजय परमार को एमएम कंपनी में कानूनी अधिकारी की नौकरी दिलवाई और उसकी सैलरी दोगुनी कर दी। पूरे मामले की जांच ईडी, विजिलेंस ब्यूरो और सीबीआई तीनों एजेंसियां संयुक्त रूप से कर रही हैं।