Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 20 May, 2026 09:21 PM

भ्रूण हत्या रोकने के लिए प्रदेश भर में चलाई जा रही मुहिम में आज स्वास्थ्य विभाग ने गुड़गांव के खांडसा रोड पर बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने बुधवार को खांडसा रोड स्थित एम/एस आयु हॉस्पिटल में कथित रूप से अवैध लिंग जांच का भंडाफोड़ किया।
गुड़गांव, (ब्यूरो): भ्रूण हत्या रोकने के लिए प्रदेश भर में चलाई जा रही मुहिम में आज स्वास्थ्य विभाग ने गुड़गांव के खांडसा रोड पर बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने बुधवार को खांडसा रोड स्थित एम/एस आयु हॉस्पिटल में कथित रूप से अवैध लिंग जांच का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान एक रेडियोलॉजिस्ट को रंगे हाथ पकड़ते हुए अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया गया।
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जानकारी के अनुसार सिविल सर्जन गुरुग्राम द्वारा गठित टीम, जिसमें डॉ. सुरेश कुमार (ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर, गुरुग्राम-II), डॉ. देवेंद्र कुमार सोलंकी (पीसी एंड पीएनडीटी नोडल अधिकारी, गुरुग्राम) तथा डॉ. हरीश कुमार (मेडिकल ऑफिसर एवं एमटीपी नोडल अधिकारी, गुरुग्राम ) शामिल थे, ने एक गुप्त शिकायत के आधार पर एम/एस आयु हॉस्पिटल, खांडसा रोड, गुरुग्राम में छापेमारी की। यह छापेमारी स्वास्थ्य मंत्री आरती राव व अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा के निर्देश पर की गई
टीम द्वारा डिकॉय ऑपरेशन के तहत लगभग 17 सप्ताह की गर्भवती महिला को 40 हजार रुपये की सीरियल नंबर नोट की गई राशि के साथ अस्पताल भेजा गया। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद कंसल्टेंट रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मंजीत कुमार ने उक्त राशि लेकर महिला का अल्ट्रासाउंड किया तथा भ्रूण का लिंग लड़का बताया। डिकॉय महिला द्वारा टीम को जानकारी देने के बाद मौके पर कार्रवाई करते हुए टीम ने डॉ मंजीत कुमार की अलमारी से वही 40 हजार रुपये बरामद कर लिए। इसके बाद मौके पर मौजूद अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया गया।
इस संबंध में सेक्टर-37 थाना, गुरुग्राम के एसएचओ को शिकायत देकर डॉ. मंजीत कुमार के खिलाफ प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (प्रतिबंधित लिंग चयन) अधिनियम 1994 की धारा 4, 5(2), 6, 29 तथा पीएनडीटी नियम 9, 10 और 18 के तहत एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और भ्रूण हत्या रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रूण लिंग जांच जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या संस्थान को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में पीसी-पीएनडीटी एक्ट का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि बेटियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।