Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 07 May, 2026 09:05 PM

हरियाणा के जनगणना निदेशक डॉ. ललित जैन ने वीरवार को गुरुग्राम पहुंचकर जिले में चल रही जनगणना तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर फील्ड स्तर पर किए जा रहे कार्यों की प्रगति जानी और निर्देश दिए कि सर्वे का काम पूरी...
गुड़गांव, (ब्यूरो): हरियाणा के जनगणना निदेशक डॉ. ललित जैन ने वीरवार को गुरुग्राम पहुंचकर जिले में चल रही जनगणना तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर फील्ड स्तर पर किए जा रहे कार्यों की प्रगति जानी और निर्देश दिए कि सर्वे का काम पूरी पारदर्शिता व तय समय सीमा में पूरा किया जाए।
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डॉ. जैन ने कहा कि गुरुग्राम एक बड़ा मेट्रो सिटी है, इसलिए यहां जनगणना कार्य को व्यापक स्तर पर संचालित करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण के तहत हाउस लिस्टिंग का कार्य किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक घर से आवासीय स्थिति और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है। सर्वे में बिजली, पेयजल, शौचालय, एलपीजी, वाहन और मकान की स्थिति सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि हाउस लिस्टिंग का कार्य 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
ऑनलाइन और ऐप आधारित होगी पूरी प्रक्रिया
डॉ. ललित जैन ने कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। इन्यूमरेटर मोबाइल ऐप के जरिए डेटा दर्ज करेंगे, जिससे प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और व्यवस्थित होगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों की ओर से दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और इसे किसी अन्य एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि जनगणना कर्मी किसी भी व्यक्ति से ओटीपी या आधार नंबर नहीं मांगेंगे। सीटीएम ज्योति नागपाल ने बताया कि जिले में जनगणना कार्य के लिए पर्याप्त संख्या में इन्यूमरेटर और सुपरवाइजर लगाए गए हैं तथा जिला प्रशासन की ओर से इस कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है।
आरडब्ल्यूए और सोसाइटियों से सहयोग की अपील
डॉ. ललित जैन ने शहर की आरडब्ल्यूए और बड़ी आवासीय सोसाइटियों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना कर्मियों को कॉलोनियों और अपार्टमेंट परिसरों में प्रवेश की अनुमति दी जाए ताकि सर्वे कार्य बिना बाधा पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों के पास अधिकृत पहचान पत्र और स्कैन कोड उपलब्ध रहेगा, जिसके जरिए उनकी सत्यता जांची जा सकती है। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को भविष्य की योजनाएं और जनहित नीतियां तैयार करने में मदद करते हैं। कुछ सोसाइटियों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस विषय पर संबंधित प्रतिनिधियों से संवाद कर समाधान की दिशा में आगे बढ़े।
जनगणना ड्यूटी को बताया राष्ट्रीय जिम्मेदारी
उन्होंने कर्मचारियों से भी जनगणना कार्य को गंभीरता से लेने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल सरकारी कार्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें पूरी निष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए। प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
जनगणना कर्मियों की सहायता के लिए जिला स्तर पर बनेगा कंट्रोल रूम
डॉ. ललित जैन ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि राज्य स्तर पर संचालित कंट्रोल रूम की तर्ज पर जिला स्तर पर भी एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर अथवा कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर 1855 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है, इसी प्रकार जिला स्तर पर भी ऐसा तंत्र विकसित किया जाना चाहिए ताकि जनगणना कर्मियों को फील्ड में किसी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल सहायता मिल सके। उन्होंने सुझाव दिया कि कंट्रोल रूम में फील्ड ट्रेनर्स की ड्यूटी लगाई जाए और उनके संपर्क नंबर सभी इन्यूमरेटर समूहों में साझा किए जाएं, जिससे किसी भी समस्या का तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में सीटीएम ज्योति नागपाल, जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इंदु बोकन, सहायक निदेशक जनगणना गुरविंदर पाल सिंह, जिला समन्वय अधिकारी जनगणना देवेश बंसल, एडीआईओ नवीन सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।