पराली जलाएं नहीं.. बस करें ये काम होगी मोटी कमाई, सरकार भी कर रही प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की तैयारी

Edited By Isha, Updated: 16 Nov, 2025 02:47 PM

preparations to increase incentives for farmers for stubble management

हरियाणा में पराली (धान की फसल का अवशेष) नहीं जलाने वाले किसानों की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की तैयारी है। पराली प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन राशि में 200 से 300 रुपये प्रति एकड़ की बढ़ोतरी का

चंडीगढ़ : हरियाणा में पराली (धान की फसल का अवशेष) नहीं जलाने वाले किसानों की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की तैयारी है। पराली प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन राशि में 200 से 300 रुपये प्रति एकड़ की बढ़ोतरी का प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जल्द ही इस संबंध में कोई आदेश जारी कर सकते हैं।

प्रदेश में अगले दो साल में पराली जलाने के मामलों को शून्य पर लाने का लक्ष्य है। सुप्रीम कोर्ट में कल यानी सोमवार को सरकार की ओर से हरियाणा में किसानों को पराली जलाने से रोकने और प्रबंधन के लिए उठाए कदमों की जानकारी दी जाएगी। प्रदेश में एक लाख 87 हजार किसानों को 16 लाख 31 हजार एकड़ भूमि की पराली के प्रबंधन के लिए प्रति एकड़ 1200 रुपये दिए जा रहे हैं।

सब्सिडी पर 1882 हैप्पी सीडर और सुपर सीडर मशीनें दी गई हैं, जिनकी मदद से किसान बिना पराली हटाए सीधे गेहूं की बुवाई कर रहे हैं। पहले चरण में 75 हजार एकड़ भूमि के लिए एक एकड़ पर एक पैकेट मुफ्त डीकंपोजर वेटेबल पाउडर वितरित किया गया है। यह डीकंपोजर फसल अवशेष को पोषक तत्वों से भरपूर खाद में बदल देता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, फफूंदीजनित रोग घटते हैं और रासायनिक खादों के उपयोग में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आती है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा पराली प्रबंधन को नई इंडस्ट्री करार देते हुए कहते हैं कि इसने न केवल किसानों की जिंदगी बदल दी है, बल्कि टिकाऊ कृषि को नई दिशा दी है।

प्रदेश में इस बार पिछले साल के मुकाबले 50% कमजली है। पिछले साल जहां 14 नवंबर तक 1035 स्थानो पर पराली जलाई गई थी, वहीं इस साल अभी तक 503 स्थानों पर फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आए है। वर्ष 2020 में 14 नवंबर तक 3670, 2021 में 5595, 2022 में 3128 और 2023 में 1878 स्थानों पर पराली जलाई गई थी। अभी तक जीद में सबसे ज्यादा 146 स्थानो पर किसानो ने फसल अवशेषों में आग लगाई है। फतेहाबाद दूसरे स्थान पर है जहा 78 मामले मिले हैं। हिसार में 57 और कैथल में 56 स्थानो पर पराली जली है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!