फिल्मी स्टाइल में रची गई थी व्यापारी की हत्या की साजिश, हत्या के बाद शव का किया ये हाल

Edited By Isha, Updated: 16 Aug, 2022 04:26 PM

plot to kill the businessman was hatched in film style

मैटल व्यापारी की हत्या के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए है। अलवर के मैटल व्यापारी को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया, चूंकि उसने रेवाड़ी के व्यापारी अंकित भालिया को 35 लाख रुपए का माल भेज दिया था। पैसे देने की बारी आई तो अंकित भालिया आनाकानी...

रेवाड़ी(मेहेन्दर):  मैटल व्यापारी की हत्या के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए है। अलवर के मैटल व्यापारी को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया, चूंकि उसने रेवाड़ी के व्यापारी अंकित भालिया को 35 लाख रुपए का माल भेज दिया था। पैसे देने की बारी आई तो अंकित भालिया आनाकानी करने लगा, लेकिन कई सालों के विश्वास में मैटल व्यापारी मंगत राम अरोड़ा ओवर कॉन्फिडेंस हो गया और फिर प्लानिंग के तहत उनका कत्ल कर दिया। रेवाड़ी शहर के वार्ड नंबर-10 से पार्षद मंजू देवी भालिया का सगा भतीजा अंकित भालिया (32) शुरू से ही तेज दिमाग रहा है।

अंकित भालिया ने पूरी प्लानिंग के तहत अलवर के व्यापारी मंगत अरोड़ा से स्क्रैप की डिलिंग की। शुरूआत में पेमेंट एडवांश में की और फिर लाखों रुपए का माल मंगवाने के बाद पैसे देने में देरी करनी शुरू कर दी। मंग अरोड़ा ने भी अंकित भालिया को अच्छा व्यापारी समझकर उसपर भरोसा कर लिया और यही भरोसा उसके लिए घाटे का सौदा हुआ।10 अगस्त की सुबह अलवर की स्कीम नंबर-2 में रहने वाले मंगत अरोड़ा अपनी बाइक से अलवर से रेवाड़ी के लिए चले थे। अपने परिवार को बताकर गए कि रेवाड़ी के अंकित भालिया से पैसे लेने जा रहे है, लेकिन परिवार को भी ये नहीं पता था कि वह आखिरी बार मिलकर जा रहे है। सुबह करीब सवा 10 बजे मंगत अरोड़ा की रेवाड़ी के व्यापारी अंकित भालिया से बात हुई। उसने दुकान पर बुलाने की बजाए मंगत अरोड़ा को सीधे दिल्ली रोड स्थित गोदाम पर पेमेंट देने के लिए बुला लिया। यहां अंकित भालिका की बुआ का लड़का रेवाड़ी के ही मोहल्ला मेहरवाड़ा निवासी मनोज और उसका साथी, जिस पर पहले से मर्डर का केस दर्ज है।

उसे प्लानिंग के तहत उत्तम नगर स्थित गोदाम में बैठाया हुआ था। अंकित भालिया ने चाय मंगवाई और मंगत अरोड़ा को कुर्सी पर बैठा दिया। पीछे से मनोज और उसके साथी ने मंगत के गले में तार डालकर गला घोंट दिया। घटना के वक्त गोदाम में टैंक बनाया जा रहा था। आरोपियों ने इसी 4 फुट के टैंक में मंगत अरोड़ा के शव को दबा दिया और ऊपर से रोड़ियों का फर्श भी डाल दिया।मंगत अरोड़ा के परिजनों ने उसी दिन अलवर में गुमशुदगी का केस दर्ज कराया, लेकिन रेवाड़ी पुलिस ने सहयोग नहीं किया। शुरूआत में आरोपी अंकित भालिया ने बयान दिया कि मंगत अरोड़ा उनके यहां से 12 लाख रुपए की पेमेंट लेकर गए है, लेकिन बाद में वह खुद ही गायब हो गया।

रविवार की शाम मंगत अरोड़ा का मोबाइल गुरुग्राम के कस्बा बिलासपुर में सड़क किनारे पड़ा मिला। मोबाइल को जिसने ऑन किया, उस तक पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने जब मोबाइल को चैक किया तो उसमें अंकित भालिया की सारी रिकॉडिंग पुलिस के पास पहुंच गई। इसके साथ ही अंकित की बुआ के लड़के मनोज की जानकारी भी पुलिस को लग गई। पुलिस ने सबसे पहले मनोज को ही हिरासत में लिया और उसके बाद मनोज के साथी को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया। दोनों से सख्ताई से पूछताछ की तो मंगत अरोड़ा की मौत का राज खुल गया।  अंकित की लोकेशन पता कर रेवाड़ी पुलिस ने पंजाब पुलिस से संपर्क कर उसे लुधियाना में अरेस्ट कराया। अब पुलिस तीनों आरोपियों को साथ बैठाकर पूछताछ करेगी।
 

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