...तो इस वजह से नाबालिग साथी ने कर दी हिस्ट्रीशीटर की हत्या

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 17 Jan, 2026 06:30 PM

minor arrested in case of historysheeter murder

हिस्ट्रीशीटर मनोज ओझा की हत्या करने के मामले में गुड़गांव पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने एक नाबालिग को काबू किया है जिसने हिस्ट्रीशीटर की हत्या करने का खुलासा किया है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): हिस्ट्रीशीटर मनोज ओझा की हत्या करने के मामले में गुड़गांव पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने एक नाबालिग को काबू किया है जिसने हिस्ट्रीशीटर की हत्या करने का खुलासा किया है। उसने पुलिस को जो वजह बताई उससे पुलिस के पैरों तले भी जमीन खिसक गई। पुलिस ने नाबालिग आरोपी के कब्जा से एक देशी पिस्टल व एक खाली मैगजीन बरामद की है। हत्यारोपी हिस्ट्रीशीटर के साथ किसी और की हत्या करने के लिए हिसार गए थे। जिसकी एवज में आरोपियों को बीस लाख रुपए देने तय हुए थे। बीस लाख रुपए नहीं देने पर कहासुनी के बाद मनोज ओझा की हत्या कर दी गई। मनोज ओझा एक कुख्यात अपराधी व हिस्ट्रीशीटर था, जिस पर हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट व चोरी समेत कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज थे।

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दरअसल, 13 जनवरी की शाम खेडक़ीदौला थाना पुलिस को टोल के पास एक व्यक्ति को गोली लगने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को मेदांता अस्पताल पहुंचाया। जहां उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान दिल्ली के छतरपुर निवासी मनोज ओझा (34) के रूप में हुई। इसके बाद सीन-ऑफ-क्राइम, एफएसएल व फिंगरप्रिंट टीमों को बुलवाकर घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया। घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान एक बोलेरो गाड़ी खड़ी मिली, जिसमें से दो लोडेड पिस्टल बरामद हुए। पुलिस जांच में सामने आया कि मनोज ओझा एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति था। जिस पर हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट व चोरी सहित कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह दो मामलों में सजायाफ्ता था और वर्ष-2025 में जमानत पर जेल से बाहर आया था। 

 

भाई के पास वॉइस रिकॉर्डिंग भेजी:

मृतक के भाई ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे 13 जनवरी शाम करीब 4:48 बजे उसके भाई मनोज के व्हाट्सएप नंबर से एक वॉयस रिकॉर्डिंग मिली, जिसमें बताया गया था कि तनिष नामक व्यक्ति ने उसके भाई को गोली मार दी। जब इसने अपने भाई को कॉल किया तो एम्बुलेंस चालक ने बताया कि वह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल है और उसे मेदांता अस्पताल ले जा रहे हैं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

 

मामले में क्राइम ब्रांच मानेसर के प्रभारी सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान लोकेश (21), निवासी पटपडग़ंज, दिल्ली के रूप में हुई है। जो दिल्ली में टैक्सी चलाता है। लोकेश से पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी नाबालिग को भी दिल्ली से काबू कर लिया। पुलिस ने नाबालिग आरोपी के कब्जा से एक देशी पिस्टल व एक खाली मैगजीन बरामद की है।

 

मर्डर के नाम पर बीस लाख नहीं देने पर की हत्या:

नाबालिग आरोपी से की गई पूछताछ में खुलासा हुआ कि मनोज ओझा ने उसे दिल्ली में एक हत्या के प्रयास के केस में बीस लाख रुपए देने थे। जो उसने नहीं दिए। वहीं हिसार में भी एक हत्या करने के केस में बीस लाख रुपए देने तय हुए थे। जिसके लिए नाबालिग अपने साथी लोकेश व मनोज ओझा के साथ हिसार गए थे। वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी भी की, परंतु ये वारदात को अंजाम देने में सफल नहीं हो पाए। हिसार से दिल्ली लौटते समय 13 जनवरी को मानेसर के पास मनोज ओझा ने बीस लाख रुपए देने से मना कर दिया। जिसके बाद लोकेश व नाबालिग की उसके साथ कहासुनी हो गई थी। जिसके चलते नाबालिग ने गाड़ी में रखे 03 अवैध हथियारों में से अपने पास रखे 01 हथियार से खेडक़ी दौला टोल प्लाजा के पास मनोज ओझा को गोली मारकर हत्या कर दी। जिसके बाद लोकेश और नाबालिग वहां से भाग गए थे।

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