Haryana : ऑनलाइन आरटीआई आवेदनों की होगी नियमित निगरानी, एसपीआईओ की तय होगी जिम्मेदारी; जारी हुए आदेश

Edited By Harman, Updated: 01 Sep, 2026 06:42 PM

online rti applications to be monitored regularly accountability of spios to be

हरियाणा सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि उनके प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत आने वाले सभी राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआईओ) द्वारा ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त आरटीआई आवेदनों की नियमित निगरानी की जाए।

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि उनके प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत आने वाले सभी राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआईओ) द्वारा ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त आरटीआई आवेदनों की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही निर्धारित समय-सीमा में इनका निपटारा सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा ये निर्देश हरियाणा राज्य सूचना आयोग द्वारा एक अपील में 15 जून, 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में जारी किए गए हैं। अनुराग रस्तोगी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन आरटीआई आवेदनों की निगरानी और ट्रैकिंग के लिए प्रभावी व्यवस्था कायम की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारी द्वारा एसपीआईओ को ऑनलाइन आरटीआई आवेदनों की नियमित निगरानी एवं समयबद्ध कार्रवाई के संबंध में जागरूक किया जाए।

गौरतलब है कि राज्य सूचना आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त आरटीआई आवेदन यदि बिना कार्रवाई के लंबित रहता है, तो इसे आरटीआई अधिनियम, 2005 के तहत ‘मानी गई अस्वीकृति’ (डीम्ड रिफ्यूजल) माना जा सकता है। अधिनियम के तहत सामान्य मामलों में सूचना उपलब्ध कराने की समय-सीमा 30 दिन तथा जीवन एवं स्वतंत्रता से संबंधित मामलों में 48 घंटे है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी एसपीआईओ द्वारा यह दलील स्वीकार नहीं की जाएगी कि ऑनलाइन आवेदन उसके संज्ञान में नहीं आया अथवा आंतरिक निगरानी व्यवस्था के अभाव में उस पर कार्रवाई नहीं की जा सकी।

राज्य में 24 जनवरी, 2022 को शुरू किए गए आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल  का उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन आरटीआई आवेदन एवं प्रथम अपील दाखिल करने तथा उनकी स्थिति की निगरानी की सुविधा प्रदान करना है। ऐसे में ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना संबंधित एसपीआईओ की वैधानिक जिम्मेदारी है। सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों को अपने अधीन एसपीआईओ के संज्ञान में लाकर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!