Edited By Isha, Updated: 02 Sep, 2026 01:13 PM

हरियाणा में ऑनलाइन आरटीआई आवेदनों पर अब अधिकारियों को नियमित नजर रखनी होगी। सरकार ने प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि उनके अधीन आने वाले सभी राज्य जन सूचना
चंडीगढ़: हरियाणा में ऑनलाइन आरटीआई आवेदनों पर अब अधिकारियों को नियमित नजर रखनी होगी। सरकार ने प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि उनके अधीन आने वाले सभी राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआईओ) के पास पहुंचे ऑनलाइन आरटीआई आवेदनों की लगातार निगरानी हो और तय समय में उनका निपटारा किया जाए।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने ये निर्देश हरियाणा राज्य सूचना आयोग के 15 जून 2026 के एक आदेश के बाद जारी किए हैं। अधिकारियों को ऑनलाइन आवेदनों की निगरानी और उनकी स्थिति पर नजर रखने की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही एसपीआईओ को समय पर सूचना देने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सूचना आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन आरटीआई आवेदन बिना कार्रवाई के लंबित रहने पर इसे आरटीआई अधिनियम 2005 के तहत मानी गई अस्वीकृति माना जा सकता है। सामान्य मामलों में सूचना देने की समय सीमा 30 दिन है जबकि जीवन और स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में 48 घंटे में सूचना देनी होती है।
वेबसाइट पर अपलोड करनी होंगी सूचनाएं
हरियाणा में सभी विभागों, बोडौँ, निगमों, प्राधिकरणों, अन्य सार्वजनिक प्राधिकरणों को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 4 के तहत अनिवार्य रूप से सार्वजनिक की जाने वाली सूचनाओं को अपनी वेबसाइटों पर अपलोड करना होगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने यह निर्देश जारी किए हैं।