Haryana में अगस्त में मानसून पड़ा सुस्त, सामान्य से 5% कम बरसे बादल...सितंबर के तीसरे हफ्ते में विदाई

Edited By Isha, Updated: 01 Sep, 2026 02:34 PM

monsoon sluggish in haryana in august

हरियाणा में इस बार अगस्त महीने में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगस्त में प्रदेशभर में कुल 138.5 एमएम बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 146.1 एमएम है।

चंडीगढ़: हरियाणा में इस बार अगस्त महीने में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगस्त में प्रदेशभर में कुल 138.5 एमएम बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 146.1 एमएम है। इस तरह सामान्य के मुकाबले करीब पांच फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, 2025 की तुलना में इस बार बारिश में 28.8% की कमी रही है। वर्ष 2025 में अगस्त में 194.5 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।

अगस्त मानसून का तीसरा महीना होता है। पिछले दो वर्षों के अगस्त महीने में प्रदेश में अच्छी बारिश हुई थी। अगस्त 2024 में 186.6 एमएम और 2025 में 194.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की थी। इस बार यह आंकड़ा घटकर 138.5 एमएम रह गया। हालांकि, इससे पहले के वर्षों में भी कम ही बारिश हुई। वर्ष 2023 में 59 एमएम, 2022 में 70.2 एमएम, 2021 में 82 एमएम, 2020 में 138 एमएम और 2019 में 103 एमएम बारिश हुई थी। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का एक दौर आने की उम्मीद है, लेकिन भारी बारिश की संभावना कम है। सितंबर के तीसरे सप्ताह से प्रदेश में मानसून की विदाई शुरू होने की संभावना है। 

मानसून में कम बारिश का असर राज्य के पांच जिलों में भी पड़ा है। इन पांच जिलों में 24% से लेकर 51% तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। अंबाला में सामान्य से 37%, जींद में 51%, कैथल में 49%, महेंद्रगढ़ में 27 फीसदी और सिरसा में 24% कम बारिश दर्ज की गई है।
करनाल में 68% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं, भिवानी में सामान्य से 41%, नूंह में 25, पलवल में 26 और फतेहाबाद में 24 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है


प्रति चक्रवात से हरियाणा में कमजोर पड़ा मानसून
हिसार: राजस्थान पर प्रति चक्रवात बनने से हरियाणा में मानसून कमजोर पड़ गया है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दो सितंबर के आसपास प्रति चक्रवात के कमजोर होने की संभावना है। इसके बाद प्रदेशभर में मानसून के फिर से सक्रिय होने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में फिलहाल उत्तरी जिलों में ही लगातार बारिश देखने को मिल रही हैं जबकि बाकी क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना हुआ है। राजस्थान पर बने प्रति चक्रवात ने हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली के पश्चिमी, दक्षिणी और मध्यवर्ती हिस्सों में हवा को पूर्व की ओर धकेलकर रोक रखा है। ऐसे में इन क्षेत्रों में मानसून कमजोर रहने से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। 

उन्होंने बताया कि मानसून टर्फ पहले तराई क्षेत्रों में और अब हरियाणा के उत्तरी जिलों पर मौजूद है। ऐसे में प्रदेश के उत्तरी सीमित क्षेत्रों में ही मानसूनी की गतिविधियां दर्ज हो रही हैं। आगे ऐसा रहेगा मौसम दो सितंबर के आसपास राजस्थान पर मौजूद प्रति चक्रवात कमजोर पड़ने लगेगा। इस दौरान कम दबाव क्षेत्र का असर उत्तरी मध्य प्रदेश, दक्षिणी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान तक पहुंचने की संभावना है। इससे हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में दक्षिण-पूर्वी मानसूनी हवा को मजबूती मिलने के आसार हैं। साथ ही तीन सितंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभसक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में तीन से छह सितंबर के दौरान बारिश की संभावना हैं।  


 

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