Edited By Isha, Updated: 05 Sep, 2026 10:06 AM

हरियाणा में करीब 15 दिन पहले दस्तक देने वाले 'लंपी स्किन डिसीज' (Lumpy Skin Disease) ने अपना घातक असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य में इस संक्रमण से पहली मौत का मामला सामने आया है
नारनौल: हरियाणा में करीब 15 दिन पहले दस्तक देने वाले 'लंपी स्किन डिसीज' (Lumpy Skin Disease) ने अपना घातक असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य में इस संक्रमण से पहली मौत का मामला सामने आया है। नारनौल के पास स्थित गांव हुडीना में 15 लीटर दूध देने वाली एक दुधारू गाय की लंपी वायरस की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पशुपालकों में हड़कंप मच गया है और पशुपालन विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है।
100 से ज्यादा केस, अकेले नारनौल में 97 पशु संक्रमित
पीड़ित पशुपालक जिले सिंह ने बताया कि उनकी गाय की रात के समय इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनकी दूसरी गाय भी लंपी से बुरी तरह संक्रमित है। प्रदेशभर में अब तक लंपी वायरस के 100 से ज्यादा एक्टिव मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें अकेले नारनौल जिले में ही 97 पशु इस बीमारी से जूझ रहे हैं। महेंद्रगढ़ जिला तीन तरफ से राजस्थान की सीमाओं से घिरा हुआ है, इसलिए अंतरराज्यीय सीमाओं से संक्रमित पशुओं के आवागमन और खरीद-फरोख्त से वायरस तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया है।
भिवानी के बहल और गांवों में भी फैला संक्रमण
नारनौल के अलावा बहल क्षेत्र और आसपास के गांवों में भी लंपी रोग के नए मामले सामने आ रहे हैं।पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक डॉ. विकास के अनुसार, पशुओं के शरीर पर तेज बुखार के साथ गांठें और गहरे घाव बन रहे हैं। विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतने के निर्देश जारी किए हैं। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग करें, मक्खी-मच्छरों से बचाव के इंतजाम करें और लक्षण दिखते ही नजदीकी पशु अस्पताल में संपर्क करें।