Edited By Harman, Updated: 05 Sep, 2026 11:39 AM

कभी-कभी ज़िंदगी में एक छोटी सी घटना ऐसा मोड़ ले लेती है जिसकी किसी को उम्मीद नहीं होती। ऐसा ही कुछ जींद के मनोहरपुर के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में SIR प्रोसेस के दौरान हुआ। यहां वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन 35 साल से बिछड़े दो भाइयों को फिर से...
जींद (संदीप मलिक/अमनदीप पिलानिया) : हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) के दौरान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मनोहरपुर में एक ऐसा भावुक प्रसंग सामने आया, जिसने वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर दीं। करीब 35 वर्षों से बिछड़े दो सगे भाइयों का पुनर्मिलन एक सामान्य सत्यापन प्रक्रिया के दौरान हो गया। एस.आई.आर. के तहत किए जा रहे सत्यापन ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, बल्कि वर्षों से बिछड़े दो भाइयों को एक-दूसरे से मिलाने का माध्यम भी बन गया।
जानकारी के अनुसार सीता राम अपने एस.एल.सी. (स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट) से संबंधित कार्य के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मनोहरपुर पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद बी.एल.ओ. ने सामान्य बातचीत और सत्यापन के क्रम में उनसे उनके गांव, पिता का नाम तथा भाई के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान जब सीता राम के भाई का नाम सामने आया तो संबंधित बी.एल.ओ. ने पहचान और सत्यापन के उद्देश्य से फोन के माध्यम से उनसे संपर्क किया। फोन पर जब भाई ने सीता राम का नाम सुना और उनकी पहचान के बारे में जानकारी मिली तो उसने भावुक होकर कहा कि “हां, वह मेरा ही भाई है। मैं उसे पिछले 35 साल से ढूंढ रहा हूं।” यह सुनते ही वहां मौजूद लोगों को भी इस बात का अहसास हुआ कि सामान्य सी दिखाई देने वाली सत्यापन प्रक्रिया के पीछे वर्षों पुरानी एक भावुक कहानी छिपी हुई है।
भाई के मिलने की सूचना मिलते ही वह तत्काल विद्यालय पहुंच गया। जैसे ही दोनों भाइयों की आमने-सामने मुलाकात हुई, दोनों एक-दूसरे को देखकर भावुक हो गए और गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़े। करीब तीन दशक से अधिक समय का बिछोह कुछ ही पलों में खत्म हो गया। दोनों भाइयों के मिलन का यह दृश्य देखकर विद्यालय परिसर में मौजूद अन्य लोग भी भावुक हो उठे।
बी.एल.ओ. की सजगता से संभव हुआ पुनर्मिलन
मौके पर मौजूद एडिशनल एई.आर.ओ. डॉ. रमेश कुमार ने इस घटनाक्रम को अपने लिए एक यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि एस.आई.आर. के दौरान होने वाली सत्यापन प्रक्रिया महज मतदाता सूची से संबंधित प्रशासनिक कार्य नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आती हैं। मनोहरपुर में सामने आया यह मामला इसका भावुक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बी.एल.ओ. की सजगता और सत्यापन के दौरान पूछी गई सामान्य जानकारी ने 35 वर्षों से बिछड़े दोनों भाइयों को दोबारा एक-दूसरे के सामने ला दिया। वर्षों से अपने भाई की तलाश कर रहे व्यक्ति के लिए यह क्षण किसी बड़ी खुशी से कम नहीं था।
प्रशासनिक प्रक्रिया बनी रिश्तों को जोड़ने की वजह
यह घटनाक्रम इस बात का भी उदाहरण बन गया कि प्रशासनिक स्तर पर चलने वाली प्रक्रियाओं के पीछे कई बार मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी कहानियां छिपी होती हैं। एस.आई.आर. के दौरान की जा रही सामान्य पूछताछ और सत्यापन ने यहां एक परिवार को वर्षों बाद फिर से जोड़ने का काम किया। विद्यालय परिसर में दोनों भाइयों के भावुक मिलन का दृश्य लंबे समय तक वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। 35 वर्षों के बिछोह के बाद भाई का भाई से मिलना न केवल दोनों परिवारों के लिए भावुक क्षण रहा, बल्कि एस.आई.आर. प्रक्रिया से जुड़ी एक ऐसी यादगार घटना बन गई, जिसे वहां मौजूद लोग लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे।